अशोक गहलोत और सचिन पायलट (फाइल फोटो)
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राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के बीच घमासान बढ़ता जा रहा है। सचिन पायलट को लेकर अब राज्य के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने आक्रामक रुख अपना लिया है। सोमवार को उन्होंने पायलट को नाकारा और निकम्मा बताने के साथ ही कांग्रेस के युवा नेताओं को भी संदेश दे दिया।
गहलोत ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि युवा नेताओं को धैर्य रखना चाहिए और बड़ों का सम्मान करना सीखना चाहिए, पार्टी उन्हें सही समय पर मौके जरूर देगी।
गहलोत और पायलट के रिश्तों में पिछले एक हफ्ते से कड़वाहट बनी हुई है और अब दोनों के बीच की दीवार भी बढ़ने लगी है। गहलोत ने इंटरव्यू में खुलकर अपनी बात रखी और पार्टी के युवा नेताओं को सीधा संदेश भी दे दिया।
उन्होंने कहा, 'मैं अपने युवा नेताओं को कहना चाहता हूं, हम भी जब युवा थे तब हमें भी पार्टी ने मौके दिए थे लेकिन हमने कभी बड़ों का अपमान नहीं किया। हमने कभी भी गुटबाजी को बढ़ावा नहीं दिया। जब मैं पहली बार मुख्यमंत्री बना तो मैं राज्य इकाई का तीन बार अध्यक्ष था। युवा नेताओं को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए।'
अपने प्रतिद्वंदियों की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि 'कांग्रेस मुक्त भारत' की बात करने वालों को दिन में सपने देखना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर कांग्रेस सदस्य को पार्टी के नेतृत्व और उसकी मौलिक विचारधारा और नीतियों में विश्वास होना चाहिए और जो लगन से काम कर सकते हैं स्वार्थ के बजाय पार्टी को प्राथमिकता देते हैं, कांग्रेस पार्टी में उनके उज्ज्वल भविष्य की संभावना है।