राजस्थान में कांग्रेस पार्टी में नजर आ रही खेमेबंदी के बीच राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने चेताया है कि राजस्थान में बागी पार्टी की लुटिया डुबा सकते हैं। इससे पहले गहलोत ये बयान देकर सुर्खियों में आ गए थे कि जो प्रदेश अध्यक्ष बनता है, वह मुख्यमंत्री बनने के सपने देखने लगता है।
राजस्थान में कांग्रेस के दो खेमे बन गए हैं, जिसमें एक मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत का और दूसरा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट का है। गहलोत ने कहा है कि राजस्थान में साल 1993 में कांग्रेस की बेहतर स्थिति थी और हर कोई मान रहा था कि कांग्रेस सरकार बनाने जा रही है, लेकिन बागियों के कारण हार गई थी। उस समय भाजपा के भैंरोसिंह शेखावत ने सरकार बना ली थी।
उन्होंने कहा कि ठीक वैसे ही हालात राजस्थान में बन रहे हैं कि कांग्रेस में टिकट के कई दावेदार हैं, जिसे नहीं मिले वह पार्टी के खिलाफ जा सकता है और फिर इससे नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने गुजरात का उदाहरण देते हुए नसीहत दी है कि गुजरात में टिकट को लेकर कोई अड़ता नहीं है। यही परम्परा राजस्थान में अपनाने की जरूरत है। उन्होंने सलाह दी कि नेता व कार्यकर्ता आपस में सहयोग करें, जिससे स्क्रीनिंग कमेटी अपना काम सही ढंग से कर पाए और कांग्रेस सरकार बना सके।