नाबालिग से दुराचार मामले में पीडि़ता को आसाराम तक पहुंचाने की साजिश रचने की आरोपी और छिंदवाड़ा गुरुकुल की वार्डन शिल्पी भी बृहस्पतिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल पहुंच गई।
पुलिस रिमांड अवधि पूरी होने के बाद शिल्पी को जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 11 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अब इस मामले में आसाराम सहित पांचों आरोपी जोधपुर जेल में हैं और सभी की पेशी 11 अक्टूबर को अदालत में एक साथ होगी।
पुलिस ने अदालत से कहा कि शिल्पी से पूछताछ पूरी हो चुकी है और पुलिस रिमांड की जरूरत नहीं है। इधर, न्यायिक हिरासत मिलते ही शिल्पी की ओर से इसी अदालत में जमानत अर्जी दाखिल कर दी गई।
इस अर्जी पर सुनवाई शुक्रवार को होगी। इससे पूर्व जोधपुर जेल में मुख्य आरोपी आसाराम, प्रमुख सेवक शिवा, छिंदवाड़ा गुरुकुल का संचालक शरद तथा रसोइया प्रकाश पहले ही न्यायिक हिरासत में जोधपुर सेंट्रल जेल में हैं।
महिला वैद्य मामले में सुनवाई
आसाराम की त्रिनाड़ीशूल की पीड़ा दूर करने के लिए जेल में महिला वैद्य की व्यवस्था को लेकर जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में लगी अर्जी पर सुनवाई शुक्रवार को फिर होगी।
इस बीच आसाराम को जेल में औषधीय विशेष भोजन उपलब्ध करवाने की स्वीकृति देने की मांग संबंधी अर्जी अदालत के वकीलों द्वारा वापस ले ली गई।