एक निर्दलीय और दो बीटीपी विधायकों ने रखी मांगेंं
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राजस्थान में राज्यसभा चुनाव में खूब सियासी ड्रामा देखने को मिल रहा है। वोटिंग से पहले मान-मनुहार, हॉर्स ट्रेडिंग और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच कांग्रेस के तीन नाराज विधायकों ने अपनी मांगों को लेकर बाड़ेबंदी में जाने से इनकार दिया है।
बहरोड़ से निर्दलीय विधायक बलजीत यादव ने वोट के बदले कांग्रेस के सामने कड़ी शर्तें रखी हैं। जिन्हें पूरा किए बिना उन्होंने वोट देने से साफ इनकार कर दिया है। बलजीत यादव के अलावा भारतीय ट्राइबल पार्टी के दो विधायक राजकुमार रोत और रामप्रसाद डिंडोर ने भी समर्थन के बदले शर्तें रखी हैं। बीटीपी विधायकों ने आदिवासी इलाके से जुड़ी मांगों के अलावा कांकरी-डूंगरी आंदोलन के मुकदमें वापस लेने की मांग रखी है। बीटीपी विधायकों ने कहा है कि आदिवासी हितों से जुड़ी मांगें पूरी करने पर ही समर्थन के बारे में सोचा जाएगा।
इससे पहले राज्यसभा चुनावों और सचिन पायलट खेमे की बगावत के समय बीटीपी विधायकों ने अशोक गहलोत का साथ दिया था। इस बार उन्होंने अपनी मांगों को लेकर बाड़ेबंदी में जाने से मना कर दिया है। कहा जा रहा है कि सीएम गहलोत के नजदीकी नेता विधायकों को मनाने में जुटे हैं।
बलजीत यादव ने रोजगार में राजस्थान के युवाओं को 75 फीसदी प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग की है। वहीं गहलोत सरकार निजी क्षेत्र के रोजगार में स्थानीय युवाओं को आरक्षण देने से इनकार कर चुकी है। इस मांग को मानने के लिए सरकार तैयार नहीं है।
बता दें कि राज्यसभा चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस ने उदयपुर में विधायकों की बाड़ेबंदी की है। अब भाजपा भी अपने विधायकों को बाड़ेबंदी में भेजने की तैयारी में है। भाजपा अपने विधायकों को जयपुर के जामडोल स्थित फाइव स्टार रिसोर्ट में रखेगी।