उन्होंने राजस्थान की जनता से गुजारिश की कि वह राज्य में सरकारों के बदलने की परंपरा को बंद करें। उन्होंने कहा कि राजस्थान में एक बार कांग्रेस और एक बार भाजपा की सरकार बनने का खेल अब बंद करना होगा। राजस्थान पर एक ताना है कि यहां एक बार कांग्रेस की सरकार आती है और एक बार भाजपा की। इस ताने को समाप्त करना होगा और भाजपा को एक बार फिर सत्ता में लाना होगा।
उन्होंने कहा कि देश की राह बूथ कार्यकर्ता स्तर से निकलती है। इस मौके पर उन्होंने केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया।
शाह ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा, ‘आप हमारे साढे़ चार साल का क्या हिसाब मांग रहे हो, देश की जनता आपकी चार पीढ़ी का हिसाब मांग रही है। आपके जो मैनेजर हैं, वे आपको बताते भी नहीं हैं कि आप हिसाब मांगने की स्थिति में नहीं हो।’’
उन्होंने कहा कि जब केन्द्र और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी तब राजस्थान को केवल एक लाख नौ हजार करोड़ रुपये मिले थे। 2014 में जब यहां वसुंधरा राजे की सरकार बनी और केन्द्र में नरेन्द्र मोदी की सरकार बनी तो राजस्थान को दो लाख 63 हजार 580 करोड़ रुपये मिले। राजस्थान की जनता पर यह उपकार नहीं, यह राजस्थान की जनता का अधिकार है।
शाह ने राहुल गांधी से यह भी कहा, ‘आप हमारा हिसाब किताब बाद में मांगें, तनिक यहां तय तो कर दो कि यहां का सेनापति कौन है, किसके नेतृत्व में प्रदेश का चुनाव लड़ना चाहते हैं।’’
सम्मेलन को वसुंधरा राजे और प्रदेशाध्यक्ष मदन लाल सैनी ने भी संबोधित किया। इससे पूर्व शाह ने यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्मारक का उद्धाटन किया।