अलवर जिले में पुलिस ने एक ब्लैकमेलिंग गैंग का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस गैंग ने एक डॉक्टर को फंसाने की धमकी देकर 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
महिला ने डॉक्टर को बुलाकर रचा षड्यंत्र
एडिशनल एसपी शरणं कांबले (IPS) ने बताया कि 22 अक्तूबर की शाम करीब साढ़े पांच बजे महिला शहरुना ने परिवादी डॉक्टर को फोन कर आरटीओ ऑफिस के पास स्थित अपने घर बुलाया। उसने बहाने से कहा कि किसी मरीज को दिखाना है। डॉक्टर मानवता के नाते अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से वहां पहुंचे।
घर पहुंचने पर महिला डॉक्टर को अंदर ले गई। थोड़ी देर बाद तीन युवक कमरे में आए और डॉक्टर के साथ मारपीट की। आरोपियों ने कपड़े उतरवाकर महिला के साथ आपत्तिजनक वीडियो बनाया और 30 लाख रुपये की फिरौती मांगते हुए धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर दुष्कर्म मामले में फंसा देंगे और जान से मार देंगे।
बंधक बनाकर पाडीसल की ओर ले गए, रास्ते में फेंका बाहर
आरोपियों ने डॉक्टर को करीब तीन से चार घंटे तक बंधक बनाए रखा। इसके बाद वे उसे पाडीसल की ओर लेकर गए और बीच रास्ते में धक्का देकर नीचे गिरा दिया। किसी तरह डॉक्टर ने खुद को संभाला और पुलिस को पूरे मामले की सूचना दी।
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12 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा
मामला दर्ज होते ही एसपी सुधीर चौधरी (IPS) के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। एडिशनल एसपी शरणं कांबले और उनकी टीम ने तकनीकी व मानवीय सूचना के आधार पर 12 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में महिला शहरुना, वसीम खान और प्रियांशु चौधरी उर्फ गोधू शामिल हैं। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी प्रियांशु का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
मोबाइल और सोने का लॉकेट बरामद
पुलिस ने आरोपियों से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और सोने का लॉकेट बरामद किया है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस वारदात में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
एडिशनल एसपी शरणं कांबले ने कहा कि यह एक सोची-समझी साजिश थी। आरोपियों ने डॉक्टर की छवि बिगाड़ने और उससे पैसे वसूलने की योजना बनाई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर गैंग को पकड़ लिया है। अन्य संभावित सहयोगियों की भी जांच जारी है।
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