अलवर शहर में साइबर ठगों ने 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को डिजिटल रूप से 7 दिन तक डराकर नियंत्रण में रखा और नई मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी देकर उससे 1 करोड़ 25 लाख रुपये ठग लिए। पीड़िता ने एसपी से मिलकर अपनी आपबीती साझा की।
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान विभिन्न खातों में ट्रांसफर की गई करीब 55 लाख रुपये की रकम होल्ड करवा दी। पीड़िता रीटा ने सोबर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके व्यवसायी पति की कई साल पहले मृत्यु हो चुकी है। दोनों बेटियां दिल्ली में ससुराल में रहती हैं, जबकि वह अकेली अलवर में रहती हैं। साइबर थाना पुलिस के अनुसार, मामला दर्ज कर संदिग्ध साइबर ठगों की लोकेशन ट्रेस कर ली गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
महिला ने बताया कि 15 दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस का पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (पीआरओ) बताया और अपना नाम संदीप शर्मा तथा टीआरपी नंबर 571545 बताया। ठग ने कहा कि महिला के नाम से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से अन्य लोगों को धमकी भरे कॉल किए जा रहे हैं।
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महिला से 2 घंटे 40 मिनट तक लगातार बात की गई, इस दौरान उसे मनी लॉन्ड्रिंग, गिरफ्तारी और जेल भेजने की धमकियां दी गईं। ठगों ने महिला को अन्य कथित पुलिस अधिकारियों से भी बात करवाई, जिनमें से एक पुलिस यूनिफॉर्म में दिखाई दिया।
19 दिसंबर को ठगों ने महिला से 1 करोड़ 15 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इसके साथ ही उन्होंने महिला के नाम का फर्जी अरेस्ट वारंट व्हाट्सएप्प पर साझा कर दिया, जिससे पीड़िता भयभीत हो गई। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।