अलवर जिले में बानसूर विधानसभा के बाबरिया ग्राम निवासी असम में सीआरपीएफ में एएसआई के पद पर तैनात कृष्ण यादव (50) की रविवार शाम चार बजे ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। वहीं, सैनिक का सोमवार तीन बजे उनके पैतृक गांव बाबरिया में सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सैनिक के अंतिम संस्कार में लोगों की भारी भीड उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने नम आंखों से सैनिक को अंतिम विदाई दी।
कृष्ण यादव साल 1993 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। उनके रिटायरमेंट मे 10 साल बाकी थे। वहीं उनके एक बेटा और और एक बेटी हैं। उनका बेटा सोमदत्त सीआईएसएफ में बंगाल में तैनात है। उनके बेटे को रविवार शाम को ही पिता की मौत की सुचना मिल गई थी। पिता की मौत की सूचना मिलते ही वह घर आ गए थे।
अचानक तबियत खराब हुई थी...
वहीं, यूनिट के एएसआई रामप्रसाद ने बताया कि रविवार दोपहर एक बजे ड्यूटी के दौरान कृष्ण कुमार की अचानक तबीयत खराब हो गई। तबियत खराब होने पर अस्पताल ले जाया गया। जहां चार बजे कृष्ण कुमार ने दम तोड़ दिया। वहीं, प्रथम दृष्टया हार्ट अटैक से मौत होना बताया गया।
सैनिक के अंतिम विदाई पर लोगों की भीड़ जमा...
वहीं, सोमवार तीन बजे सैनिक का शव गांव पहुंचा तो सैनिक को विदाई देने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर उद्योग मंत्री शकुंतला रावत बाबरिया पहुंची और सैनिक को श्रद्धांजलि दी। कृष्ण कुमार का सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सीआरपीएफ यूनिट के जवानों ने गॉड ऑफ ऑनर देकर सैनिक को अंतिम विदाई दी। सैनिक को अंतिम विदाई देने मंत्री शकुंतला रावत, पूर्व यूआईटी चेयरमैन देवी सिंह शेखावत, अंकुर दायमा, एसडीएम राहुल सैनी, डीएसपी सुनील जाखड़, नायब तहसीलदार और हरसौरा थाना प्रभारी ताराचंद शर्मा सहित भारी संख्या में ग्रामीणों ने नम आंखों से विदाई दी।