बुधवार रात में भी जयपुर के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक, मौसम में अचानक बदलाव लोकल लेवल पर हुई क्लाउडिंग से हुआ। इसका असर जयपुर के अलावा सीकर और नागौर जिलों में भी देखने को मिला। चंद्रग्रहण वाले दिन यानी 8 नवंबर को भी जयपुर जिले में ओले गिरे थे।
सीकर में देर रात रुक-रुककर बारिश होती रही। इसके बाद गुरुवार सुबह से बादल छाए रहे। जिले में अन्य स्थानों पर भी देर रात को हल्की बारिश हुई। दिन भर बादल छाए रहे, लेकिन बरसे नहीं। नागौर और भरतपुर के आसपास भी हल्के बादल छाए रहे। पर बारिश नहीं हुई।
मौसम विभाग के अनुसार, नागौर में शुक्रवार सुबह हल्की धुंध छा सकती है। साथ ही, चक्रवाती बादलों का ठहराव भी लंबे समय तक रहना है। ठंडक का असर बढ़ने से दिन के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। उधर, सर्दी का दौर शुरू होते ही शहर में जगह-जगह गर्म कपड़ों की दुकानें सज चुकी हैं और ग्राहक खरीदारी करने के लिए पहुंचने लगे हैं।
बारिश-ओलावृष्टि
से बढ़ी सर्दी...
राजस्थान में दो दिन पहले हुई बारिश-ओलावृष्टि के बाद तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इससे भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर चूरू और हनुमानगढ़ में रात और दिन का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक कम हुआ है। यहां का तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। देर रात और अलसुबह कई शहरों में हल्का कोहरा और धुंध भी छायी रही। हल्की हवा चलने से गुरुवार को ठंड भी बढ़ गई। जयपुर में बीती रात न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस रहा। उत्तरी राजस्थान के गंगानगर, हनुमानगढ़ एरिया में सुबह वातावरण में हल्की धुंध, कोहरा छाया रहा, लेकिन सूरज चढ़ने के साथ ही मौसम साफ हो गया।
कल से आने लगेगी उत्तरी हवाएं, बढ़ेगी ठंड...
मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार, कल से उत्तरी हवाओं के चलने से तापमान में और गिरावट दर्ज होगी। हाल ही में वेस्टर्न डिर्स्टबेंस का कुछ असर हिमाचल, उत्तराखंड में देखने को मिलेगा। इससे वहां हल्की बारिश के साथ बर्फबारी होगी। जम्मू-लद्दाख में बुधवार को बर्फबारी हुई। इस सिस्टम के पास आउट होने के बाद बफीर्ली हवाएं आने लगेंगी। इससे मैदानी इलाकों में तापमान गिरने लगेगा। राजस्थान में 11 नवंबर से उत्तरी हवाओं का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा। दिन-रात के तापमान में गिरावट होने लगेगी।