नीमराणा के होटल किंग में 8 सितंबर को 5 करोड़ रुपये की रंगदारी के लिए हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में गिरफ्तार कौशल गैंग की सरगना लेडी डॉन मनीषा चौधरी को राजस्थान पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर भोंडसी जेल से नीमराणा लेकर आई है। पूछताछ के लिए पुलिस अधीक्षक दुष्यंत खुद मंगलवार देर शाम नीमराणा पहुंचे।
फायरिंग की घटना में मनीषा चौधरी मुख्य आरोपी है। उसने न केवल पूरी घटना की साजिश रची थी, बल्कि मौके पर मौजूद रहकर रंगदारी की पर्ची भी दी थी। इस मामले में पुलिस अब तक मनीषा सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस की टीमें अन्य दो मुख्य अभियुक्तों नरेंद्र और पुनीत की तलाश में जुटी हुई हैं।
गौरतलब है कि मनीषा चौधरी गुरुग्राम के एक होटल मालिक से 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में भी आरोपी है और उस पर हरियाणा पुलिस ने 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है। साथ ही उसे पहले भी खांडसा मंडी प्रकरण में एसटीएफ द्वारा मानेसर से गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसपी दुष्यंत ने मनीषा से दो घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। पुलिस को आशंका है कि मनीषा बाहर से कौशल गैंग को निर्देश देकर वारदातों को अंजाम देती थी। नीमराणा फायरिंग मामले में मनीषा की भूमिका अहम मानी जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मनीषा चौधरी गैंग के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाती थी और उसी ने होटल किंग पर फायरिंग की पूरी योजना बनाकर इसे अंजाम देने के लिए शार्प शूटरों का इस्तेमाल किया था। घटना के समय वह खुद मौके पर मौजूद थी।
पुलिस ने बताया कि फायरिंग में शामिल दोनों शार्प शूटरों को पकड़ने के लिए राजस्थान पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही है। जल्द ही इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने नीमराणा और आसपास के इलाकों में कौशल गैंग के प्रभाव और उसके डर को उजागर किया है। पुलिस ने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया है कि गैंगस्टर और उसके नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।