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अलवर: चुनाव आयोग की साख से लेकर निकाय चुनाव तक, टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर लगाए कई आरोप

सार

अलवर में जनसुनवाई के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता, राजस्थान की कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों, मालाखेड़ा में ट्रेन ठहराव और नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा सरकार पर कई आरोप लगाए। जूली ने निकाय चुनाव में पार्षदों पर दबाव बनाने और सरकारी मशीनरी के कथित इस्तेमाल का भी आरोप लगाया। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस कॉपी में उपलब्ध नहीं है।
 
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नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। अलवर के मोती डूंगरी स्थित अपने कार्यालय पर जनसुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में जूली ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में ऐसा कहीं देखने को नहीं मिला कि देश के प्रधानमंत्री को चुनाव आयोग को बचाने की जरूरत पड़ रही हो।
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जूली ने कहा कि चुनाव आयोग की पूरे देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी निष्पक्ष चुनाव कराने वाली संस्था के रूप में साख रही है, लेकिन आज उसकी विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्था की प्रतिष्ठा को लेकर सवाल उठना लोकतंत्र के लिए गंभीर विषय है। चुनाव आयोग से जुड़े इसी रुख को लेकर जूली का बयान 23 सितंबर को भी सामने आया था।

जनसुनवाई में लोगों ने रखीं अपनी समस्याएं
जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जूली ने लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर समाधान का भरोसा दिलाया।
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राजस्थान में तानाशाही का लगाया आरोप
जनसुनवाई के बाद जूली ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजस्थान में लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप शासन नहीं चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार का ध्यान जनता की समस्याओं और कानून-व्यवस्था पर पर्याप्त रूप से नहीं है। जूली ने कहा कि वे भरतरी बाबा से प्रार्थना करते हैं कि सरकार को सद्बुद्धि मिले और वह जनता के हित में काम करे।

विकास कार्यों और मालाखेड़ा में ट्रेन ठहराव पर सवाल
जूली ने विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस सड़क का शिलान्यास किया जा रहा है, उसकी एनओसी तक नहीं आई है। हालांकि, एनओसी संबंधी इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है।

मालाखेड़ा में ट्रेन के ठहराव को लेकर जूली ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि करीब 12 वर्षों से नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में है और रेल मंत्रालय केंद्र के अधीन है, फिर भी मालाखेड़ा में ट्रेन का ठहराव पहले क्यों नहीं कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय ऐसे कार्यों में तेजी दिखाई जा रही है।

निकाय चुनाव में पार्षदों पर दबाव का आरोप
जूली ने हालिया नगर निकाय चुनावों के दौरान पार्षदों को रोके जाने और धमकाने के भी आरोप लगाए। इससे पहले भी वे निकाय चुनाव के दौरान पुलिस और प्रशासन के कथित इस्तेमाल को लेकर सवाल उठा चुके हैं। हालिया रिपोर्टों में भी उनके ऐसे आरोप दर्ज हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जूली ने कहा कि सरकार को विकास और जनता के हित में काम करना चाहिए, न कि राजनीतिक दबाव बनाने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता पूरे घटनाक्रम को देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।
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