गोविन्दगढ़ थाना पुलिस ने लाल बत्ती लगी गाड़ी में फर्जी पुलिस बनकर अपहरण और फिरौती वसूली की वारदात करने वाली गैंग का पर्दाफाश किया। पुलिस ने गैंग के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक अलवर सुधीर चौधरी ने बताया कि जिले में चोरी, लूट, नकबजनी और अपहरण-फिरौती जैसी संगठित अपराधों पर नकेल कसने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया था। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. प्रियंका और वृत्ताधिकारी लक्ष्मणगढ़ कैलाश जिंदल के सुपरविजन में की गई।
गोविन्दगढ़ थाना प्रभारी बने सिंह के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने मुखबिर सूचना और तकनीकी सहायता के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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पुलिस ने बताया कि साजिद पुत्र दिलावर निवासी धांधोली, थाना जालूकी, जिला डीग ने न्यायालय में शिकायत दर्ज करवाई कि 28 जून को चार-पांच लोग लाल बत्ती लगी गाड़ी में पुलिस की वर्दी जैसा पहनावा कर उसके पास आए और खुद को हरियाणा पुलिस बताकर उसका अपहरण कर लिया। आरोपियों ने दुकान से कैश, मोबाइल और कंप्यूटर सहित अन्य सामान लूट लिया और बाद में परिवार से 4 लाख रुपये की फिरौती मांगकर उसे छोड़ा।
अनुसंधान के दौरान पुलिस ने तकनीकी निगरानी और पुख्ता जानकारी के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें साजिद उर्फ काला पुत्र इन्नस खान, उम्र 32 वर्ष और निरजू पुत्र वासुदेव, उम्र 34 वर्ष शामिल हैं। थाना इंचार्ज बने सिंह और उनकी टीम ने आरोपियों से गहन पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा कि वारदात में शामिल अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की संभावना है।