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Alwar News: फर्राटेदार अंग्रेजी, महंगे सूट-बूट और लग्जरी गाड़ी दिखाकर रचा फर्जीवाड़ा, 10 लाख की ठगी करके फरार

Wed, 28 May 2025 03:03 PM IST
अलवर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर

सार

नौकरी और ट्रेनिंग दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने के मामले में पीड़ित ने एफआईआर दर्ज कराई है। पीड़ित के पिता ने बताया कि आरोपियों ने उनके बेटे को पहले नौकरी दी और फिर उसके नाम पर लाखों की ठगी करके फरार हो गए।
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राजस्थान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहर में नौकरी और ट्रेनिंग दिलाने के नाम पर फर्जी कंपनी बनाकर 10 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। ठगों ने किराए की लग्जरी कार, महंगे सूट-बूट और धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलकर लोगों को अपने जाल में फंसाया। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली थाना, अलवर में एफआईआर दर्ज की गई है।

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लक्ष्मणगढ़ के निजाम नगर निवासी बने सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके बेटे हरिओम को Easy to Find Provide Service Pvt. Ltd. नाम की एक फर्जी कंपनी में दौसा निवासी मयंक भावुका और पूजा सैनी ने 12 हजार 500 रुपये के मासिक वेतन पर नियुक्त किया था, यह कथित कंपनी अलवर के वंडर मॉल के पास संचालित की जा रही थी।

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हरिओम को कंपनी में नियुक्त करने के बाद आरोपियों ने उसी के जरिए अन्य युवाओं को नौकरी का झांसा देकर उनसे कुल 7 लाख 25 हजार रुपये वसूल लिए। इनमें से 2,63,250 रुपये ऑनलाइन और 4,61,750 रुपये नकद लिए गए। इसके अलावा हरिओम की सितंबर 2024 की सैलरी भी नहीं दी गई, जब उसने वेतन मांगा तो पहले बहाने बनाए गए और फिर उसे धमकी तक दी गई।

हरिओम का कहना है कि आरोपियों ने पूरी रकम उसकी पहचान और नाम का इस्तेमाल कर लोगों से वसूली, जिससे अब वह भी मानसिक तनाव में है। ठगी करने वाले आरोपी किराए की लग्जरी कारों में चलते और महंगे सूट-बूट पहनकर फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते थे, जिससे लोग उन्हें बड़ी कंपनी के प्रतिनिधि समझ बैठते थे। जब पीड़ित ने पूजा सैनी से जवाब मांगा तो उसने 23 अक्टूबर 2024 को एक शपथ पत्र पर लिखकर अपनी गलती मानी, लेकिन इसके बाद दोनों आरोपी ऑफिस बंद करके फरार हो गए।
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पीड़ित बने सिंह ने पहले 9 मई और फिर 26 मई को कोतवाली थाना, अलवर में रिपोर्ट दी लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।

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