अलवर जिले के नाका डेहरा शाहपुर के वन क्षेत्र अमृतवास में बिजली का तार टूट कर गिरने के बाद करंट लगने से एक पैंथर और दो उनके शावकों को की मौत हो गई। तीनों के शव दो तीन दिन पुराने हैं। जब इस घटना का पता चला जब केंद्रीय वन मंत्री और राजस्थान सरकार के वन मंत्री अलवर में थे। मंत्री ने कहा कि मामले में जो कार्रवाई होगी की जाएगी। इस मामले की जांच की जा रही है।
डीएफओ राजेंद्र हुड्डा ने बताया कि 21 जून 2024 को रात लगभग 10 बजे पर अलवर वन मंडल अधीन रेंज अलवर के नाका डहरा शाहपुर के वन क्षेत्र अमृतवास में एक बघेरा और दो शावकों के शव मिलने की सूचना मिली। बिजली के तार टूटने से करंट की चपेट में आकर मौत होने की सूचना बिजली विभाग के कर्मचारियों को दी गई। इसके बाद संबंधित स्टाफ ने मौके पर जाकर देखा तो घटनास्थल पर बघेरों के शव पडे़ हुए थे वहां बिजली के तार टूटे हुए थे।
मृत बघेरों के शवों पर करंट से झुलसने के निशान स्पष्ट नजर आ रहे थे। सभी बघेरों के शवों को घटनास्थल से बरामद कर मेडिकल पोस्टमॉर्टम के लिए अलवर रेंज अधीन कटी घाटी स्थल पर लाया गया।
डीएफओ राजेंद्र हुड्डा से पूछा गया कि वन क्षेत्र में कोई आसपास गांव भी नहीं है तो ट्रांसफार्मर लगाने की अनुमति किस तरह से मिली, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पुरानी लाइन है और यह रक्षित वन क्षेत्र है। यहां पर भले ही गांव न हो लेकिन बिजली विभाग ने गांव तक जाने के लिए लाइन डाली हुई है, जो जंगल के रास्ते डाली गई।