मिनी सचिवालय के बाहर गीत गाती महिलाएं
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अलवर के प्राचीन भूरासिद्ध मंदिर का मामला एक बार फिर से तूल पकड़ने लगा है। मामले को लेकर मीणा समाज ने मिनी सचिवालय पर प्रदर्शन किया और जिला पुलिस अधीक्षक व जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर मामले से अवगत करवाया।
मीणा समाज के अध्यक्ष बृजेश कुमार मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि समाज के यादराम मीणा, जो राजस्थान और गुजरात के मुख्य न्यायधीश थे, उन्होंने बहुत समय पूर्व नौकरी पर रहते हुए भूरा सिद्ध में एक राम मंदिर बनवाया था। इस मंदिर में एक योगेश दास महाराज जो अपने आप को महंत बताता है, ने अवैध कब्जा कर रखा है। पूर्व में उसने समाज के पुजारी के साथ भी मारपीट की थी, जिसकी रिपोर्ट भी दर्ज करवाई गई थी लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
समाज के अध्यक्ष ने कहा कि उनकी मांग है कि जल्द से जल्द समाज का मंदिर वापस समाज को दिलाए जाने की कार्रवाई हो। समाज की महिलाओं ने भी इस मामले को लेकर मिनी सचिवालय के गेट पर गीत गाकर प्रदर्शन किया। यहां उल्लेखनीय है कि योगेश दास जो कि खुद को मंदिर का महंत बताता है, ने दानपात्र हटाकर खुद की दानपेटी रखवा दी है ताकि उसमें जो भी राशि आए उसे वह खुद ले ले।
समाज ने चेतावनी दी है कि यदि योगेश दास महाराज से मंदिर को मुक्त नहीं कराया गया तो समाज इकट्ठा होकर बड़ा संघर्ष करेगा।