फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Alwar News: साइबर थाने में 1.12 करोड़ की धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, ई-कॉमर्स कंपनी से की थी ठगी

Tue, 10 Sep 2024 05:06 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर

सार

अलवर साइबर थाना पुलिस ने 1.12 करोड़ की धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी आशीष कुमार यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फ्लिपकार्ट के प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन रिटर्न दिखाकर अलग-अलग खातों में बड़ी राशि स्थानांतरित की थी।
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अलवर शहर के साइबर थाने में दर्ज एक करोड़ 12 लाख की धोखाधड़ी करने के मुख्य आरोपी को अलवर साइबर थाना पुलिस ने पकड़ लिया है। आरोपी आशीष कुमार यादव पुत्र सुरेश चन्द कोटपूतली-बहरोड़ जिले के हरसौरा थाना क्षेत्र के चेतावाली ढाणी, रघुनाथपुरा का निवासी है। आरोपी से एक बिना नंबर की क्रेटा गाड़ी भी बरामद हुई है। आरोपी के दो कीमती भूखंड खरीदने की जानकारी भी सामने आई है। इनमें एक भूखंड बहरोड़ में खरीद गुण है। इन दोनों भूखण्डों के कागज भी इसके पास से बतामद किये गाए है। 

विज्ञापन


हालांकि आरोपी ने ये उसके ससूर के नाम से होना बताया है। लेकिन वास्तव में ये दोनों भूखण्डों की खरीद इसी के द्वारा की गयी है। जिला पुलिसअधीक्षक आनंद शर्मा ने बताया कि डेल्हीवेरी कंपनी के सिक्योरिटी ऑफिसर ने मामला दर्ज कराया था कि 14-15 मई की रात 12 से सुबह 4 बजे तक अज्ञात व्यक्तियों ने कंपनी कर्मी की आईडी के उपयोग से फ्लिपकार्ट कंपनी के प्लेटफार्म परऑनलाइन रिटर्न दिखाइ दी। अलग-अलग खातों में एक करोड़ 24 लाख रुपये प्राप्त कर लिए गए, जो कि बड़ा घोटाला था और पुलिस ने आरोपियों की तलाश भी शुरू कर दी। मामले की जांच करते हुए चार आरोपी हरिओम सैन, राहुल शर्मा, सुरेश चंद यादव और राहुल यादव को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन मुख्य आरोपी अब तक फरार था, जिसको अब पकड़ा गया है। पुलिस सब पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है। 

अलवर में साइबर क्राइम पहले से ज्यादा बढ़ गया है और लोग इस काम को बखूबी अंजाम दे रहे हैं। इस काम में युवा वर्ग के लोग बड़ी संख्या में शामिल हैं। ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं या इस धंधे से जुड़े हुए है। साइबर थाना अलवर में इन पर नकेल कसने के लिए ही खुला है। अभी तक फर्जीवाड़े के कई मामले पकड़े भी जा चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी यह निरंतर हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें