फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan Bypolls: मनाने पहुंचे जवाहर सिंह बेडम तो जय आहूजा ने छोड़ी बगावत, नहीं लड़ेंगे रामगढ़ उपचुनाव

Tue, 22 Oct 2024 06:42 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर

सार

रामगढ़ उपचुनाव में भाजपा के बागी नेता जय आहूजा ने चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। पहले उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बनाया था और एक बड़ी पंचायत भी बुलाई थी। भाजपा सरकार के मंत्री जवाहर सिंह बेडम की पहल पर आहूजा को मनाया गया, जिसके बाद उन्होंने बगावत छोड़ दी। 
विज्ञापन
नेता जय आहूजा। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रामगढ़ उप चुनाव में पिछली बार भाजपा टिकट पर चुनाव लड़े जय आहूजा अब बगावत छोड़कर चुनाव नहीं लड़ेंगे। उनकी मंगलवार को रामगढ़ में बड़ी पंचायत थी, जिसमें आगामी रणनीति तय होनी थी, लेकिन ऐन वक्त पर भाजपा सरकार में मंत्री और प्रदेश द्वारा भेजे गए प्रतिनिधि जवाहर सिंह बेडम के यहां पहुंच गए और जय आहूजा से बात की। उन्होंने भाजपा के नेता ज्ञानदेव आहूजा से भी बातचीत की, जो तीन बार रामगढ़ से विधायक रह चुके हैं। जय आहूजा ज्ञानदेव के ही भतीजे हैं। इस सारे खेल के पीछे उन्हीं का दिमाग बताया जा रहा है।

विज्ञापन


उधर, बेड़म ने जय आहूजा से बात की। उन्हें निर्दलीय चुनाव न लड़ने के लिए मना लिया। इस अवसर पर बेडम ने कहा कि जय आहूजा और उनका परिवार संस्कारित परिवार है। शुरू से आरएसएस से जुड़ा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन


ज्ञानदेव आहूजा ने तो पूरा जीवन संघ की सेवा में बिता दिया तो वे भाजपा से अलग कैसे जा सकते हैं। बेडम ने कहा कि ज्ञानदेवजी के जीवन से तो हमें प्रेरणा मिलती है। उधर, जय आहूजा ने भी ऐसे ही विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के खून में सनातन और हिंदुत्व रचे बसे हैं। वे भाजपा से अलग कैसे हो सकते हैं। जय आहूजा ने कहा कि ज्ञानदेव जी उनके चाचा हैं और पूरे परिवार में वही बुजुर्ग हैं। उन्होंने भी उनसे यही कहा कि ऐसा कोई काम नहीं होना चाहिए जो सनातन के खिलाफ हो। पहले जय आहूजा ने बागी होकर चुनाव लड़ने का मन बनाया था और इसीलिए आज रामगढ़ में पंचायत भी बुलाई थी। उनके समर्थन में पंचों मंडलों के अध्यक्षों ने भी इस्तीफे दे दिए हैं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें