अलवर के गोविंदगढ़ में पुलिस थाने पर हमला और पथराव करने के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 21 मई तक न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले को लेकर अदालत परिसर में भारी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था तैनात रही।
सरकारी वकील योगेंद्र खटाना ने बताया कि इस मामले में एएसआई बलवीर की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में थाने पर हमला करने, पथराव, मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप शामिल किए गए हैं।
पटाखा बाइक जब्त करने के बाद भड़का था विवाद
घटना गत बुधवार की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार पुलिस द्वारा पटाखा और बाइक जब्त किए जाने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ थाने पहुंच गई थी। आरोप है कि इस दौरान भीड़ ने पुलिस थाने पर जमकर पथराव किया।
इस घटना में थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुखजीत, अर्जुन सिंह, रोमती सिंह और विक्रम के रूप में हुई है। चारों आरोपी गोविंदगढ़ के निवासी बताए गए हैं।
कई गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया मामला
पुलिस ने इस मामले में कई धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। इनमें पीडीपी एक्ट और एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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गिरफ्तार आरोपियों को एससी-एसटी कोर्ट में न्यायाधीश अनिता सिंघल के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को 21 मई तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए।
अदालत परिसर में रही कड़ी सुरक्षा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपियों को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच अदालत लाया गया। अदालत परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।