विश्व विख्यात सरिस्का अभ्यारण्य में इन दिनों बाघों की रोज साइटिंग हो रही है। यह साइटिंग इसलिए भी हो रही है, क्योंकि सरिस्का में टाइगर की संख्या अब काफी बढ़ गई है। इस समय कुल मिलाकर सरिस्का में 43 बाघ, बाघिन और शावक बताए जा रहे हैं।
सरिस्का में प्रतिदिन सुबह और शाम की सफारी होती है। हर दिन किसी न किसी सफारी में पर्यटकों को बाघ के दीदार हो रहे हैं। बाघों की साइटिंग बढ़ने से अब देशी और विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है। सारे होटल पर्यटकों से भरे हुए हैं। यहां तक कि पर्यटकों की सफारी के लिए अब जिप्सियां भी कम पड़ने लगी हैं। अधिकांश पर्यटकों को केंटरा में भेजा जाने लगा है। कल शाम को भी सफारी पर गए पर्यटकों को st 9 के दीदार हुए थे, जबकि सुबह सफारी पर गए पर्यटकों को एसटी 21 के दीदार हुए थे।
एसटी 21 की तो पिछले कई रोज से लगातार साइटिंग हो रही है। इससे पहले एसटी 3 की कालापानी क्षेत्र में साइटिंग होती थी, लेकिन इन दिनों एसटी 3 के दीदार नहीं हो रहे। इन दिनों एसटी 9 ओर एसटी 21 की साइटिंग रोजाना हो रही है। गाइडों को भी इन दोनों बाघों की टेरेटरी पता है और वे पर्यटकों को इन्हीं की उसी टेरेटरी में लेकर जा रहे हैं, जहां इन दोनों टाइगर की साइटिंग होने की संभावना रहती है। पिछली बार तो तीन टाइगर की एक साथ साइटिंग भी होती रही है, लेकिन इस तरह की साइटिंग अब आम तौर पर बफर जोन में होती है।