अलवर जिले के सामान्य चिकित्सालय में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर और चिकित्सा स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मृतक की पहचान दीवान जी का बाग निवासी निर्मल के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, निर्मल पिछले तीन दिनों से बुखार से पीड़ित था। बृहस्पतिवार शाम अचानक तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे अस्पताल के मेल सर्जिकल वार्ड में भर्ती कर दिया था। इसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
डॉक्टर पर बिना जांच के इंजेक्शन लगाने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि वार्ड में मरीज को देखने पहुंचे डॉक्टर के कानों में ईयरबड्स लगे हुए थे। उनका कहना है कि डॉक्टर ने मरीज की शारीरिक स्थिति को ठीक से देखे बिना ही उसे एक इंजेक्शन लगाया और इसके बाद वहां से चले गए।
परिजनों के अनुसार, इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही समय बाद निर्मल की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। उसकी हालत गंभीर होती देख परिजन वार्ड में मौजूद कर्मचारियों से मरीज को संभालने और तत्काल इलाज उपलब्ध कराने की लगातार गुहार लगाते रहे। आरोप है कि इसके बावजूद कर्मचारियों ने समय रहते कोई चिकित्सकीय मदद उपलब्ध नहीं कराई।
वीडियो बनाने पर कर्मचारी ने मोबाइल छीनने की कोशिश की
मरीज की हालत बिगड़ने और समय पर उपचार नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने मोबाइल फोन से पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उन्हें वीडियो बनाते देख वार्ड में तैनात एक कर्मचारी ने धमकाया और उनका मोबाइल फोन छीनने का प्रयास किया।
इसी दौरान निर्मल की मौत हो गई। मरीज की मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। घटना के बाद वार्ड के कई कर्मचारियों के वहां से हट जाने का भी आरोप है। परिजनों के मुताबिक, इसके कारण वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों को भी समय पर दवाइयां नहीं मिल सकीं।
पीएमओ बोले- जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट
मामले के बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच कराने का फैसला किया है। अलवर के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण शर्मा ने कहा कि अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर हमेशा मौजूद रहता है। उन्होंने कहा कि यदि इलाज के दौरान लापरवाही का मामला सामने आया है तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
पीएमओ के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मरीज की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इलाज के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं। फिलहाल अस्पताल प्रशासन मामले की जांच कराने की बात कह रहा है।