जिले के मालाखेड़ा में नांगल टोडियार गांव की दो सगी बहनें अपने घर में चूल्हे पर देगची में मक्का पकाते समय खौलते पानी से झुलस गईं। दोनों को मालाखेड़ा में उपचार के बाद जिला अस्पताल रैफर किया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार बच्चियों के पिता विजेंद्र सेन ने बताया कि कल दोपहर मेरी बेटी आरजू (5 वर्ष) और मनीषा (10 वर्ष ) अपने घर पर चूल्हे पर देगची में मक्का पका रही थीं, तभी छोटी बेटी आरजू चूल्हे में जल रही लकड़ी को खिसकाने लगी, इससे चूल्हे पर रखी देगची गिर पड़ी और दोनों बहनों पर आ गिरी। बड़ी बहन मनीषा अपनी छोटी को बचाने के प्रयास में गंभीर रूप से झुलस गई।
दोनों बहनों के चिल्लाने पर घर के बाहर काम कर रही उनकी मां सरोज दौड़कर आई तब तक दोनों बेटियां गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं। पड़ोसियों की सहायता से दोनों बहनों को उपचार के लिए मालाखेड़ा में भर्ती कराया गया लेकिन गंभीर हालत के चलते उन्हें उपचार के लिए अलवर के जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया।
पिता विजेंद्र सेन ने बताया कि वह खुद हलवाई का काम करता है और उसके 6 बेटे-बेटी हैं। दोनों बहनों को झुलसी हुई अवस्था में पहले मालाखेड़ा और फिर अलवर के जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है, जहां इन दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।