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Alwar: शटडाउन के बावजूद 11 हजार केवी लाइन में दौड़ा करंट, इलेक्ट्रिशियन गंभीर रूप झुलसा, पोल से गिरकर हुआ घायल

Mon, 24 Aug 2026 01:30 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर

सार

बिजली के खंभे पर लाइट ठीक कर रहे 22 वर्षीय इलेक्ट्रिशियन की जान जोखिम में पड़ गई। काम के लिए शटडाउन लेने के बावजूद 11 हजार केवी लाइन में अचानक करंट दौड़ गया, जिससे युवक बुरी तरह झुलसकर घायल हो गया। परिजनों ने विभाग से मुआवजे की मांग की है।
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युवक को अस्पताल ले जाते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डीग जिले के सीकरी कस्बे में रोड की खराब लाइट बदलने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। हादसे में झझार रोड पर नगर पालिका की रोड लाइट के खंभे पर काम कर रहा 22 वर्षीय इलेक्ट्रिशियन सेम्पी सैनी 11 हजार केवी विद्युत लाइन में करंट दौड़ने से गंभीर रूप से झुलस गया। करंट लगने के बाद वह पोल से नीचे गिर पड़ा, जिससे उसके शरीर में कई जगह गंभीर चोटें भी आईं। घायल का अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय के ट्रॉमा वार्ड में उपचार चल रहा है।

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घायल सेम्पी सैनी पुत्र झम्मन लाल सैनी सीकरी का रहने वाला है। परिजनों के अनुसार वह पिछले करीब तीन वर्षों से नगर पालिका में निजी तौर पर इलेक्ट्रिशियन का काम कर रहा है। झझार रोड पर खराब रोड लाइट को बदलने और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए वह पोल पर चढ़कर काम कर रहा था।

बताया गया कि काम शुरू करने से पहले 11 हजार केवी विद्युत लाइन का शटडाउन लिया गया था। लाइन बंद होने के बाद सेम्पी पोल पर चढ़ा और काम शुरू कर दिया। इसी दौरान अचानक विद्युत आपूर्ति बहाल हो गई। लाइन में करंट दौड़ते ही सेम्पी उसकी चपेट में आ गया और तेज झटका लगने से वह बुरी तरह झुलस गया। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह पोल से नीचे भी गिर पड़ा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजन घायल को तत्काल सीकरी के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे अलवर रैफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक करंट लगने से सेम्पी के दोनों हाथ और पेट बुरी तरह झुलस गए हैं। वहीं पोल से नीचे गिरने के कारण शरीर में कई जगह गंभीर गुम चोटें भी आई हैं, फिलहाल उसका ट्रॉमा वार्ड में उपचार जारी है।
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हादसे के बाद परिजनों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब रोड लाइट का काम कराने के लिए 11 हजार केवी लाइन का बाकायदा शटडाउन लिया गया था, तो काम पूरा होने से पहले बिजली आपूर्ति दोबारा किसकी अनुमति से शुरू की गई, इसकी जांच होनी चाहिए। परिजनों का कहना है कि शटडाउन के दौरान लाइन पर कर्मचारी के काम करने की जानकारी संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को थी। ऐसे में बिजली बहाल करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए था कि लाइन पर कोई कर्मचारी काम तो नहीं कर रहा है। उनका आरोप है कि इसी लापरवाही के कारण सेम्पी की जान खतरे में पड़ गई। परिजनों ने सरकार और संबंधित विभाग से घायल सेम्पी को उचित मुआवजा देने के साथ हादसे के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार के सामने घायल के इलाज और भविष्य को लेकर चिंता खड़ी हो गई है।
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यह भी सामने आया है कि पोल पर काम करते समय इलेक्ट्रिशियन ने आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल नहीं किया था। ऐसे में हादसे की जांच में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली के साथ सुरक्षा मानकों के पालन की भी पड़ताल जरूरी होगी। हादसे की वास्तविक वजह क्या रही और शटडाउन के बाद विद्युत आपूर्ति किस प्रक्रिया के तहत बहाल की गई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल सेम्पी का इलाज जारी है और परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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