भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) कोटा ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए चेचट तहसील के तहसीलदार भरत कुमार यादव को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह राशि जमीन की रजिस्ट्री कराने के एवज में एक व्यक्ति से मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और आरोपी तहसीलदार को पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद ACB कोटा और अलवर की संयुक्त टीम ने तहसीलदार भरत यादव के अलवर स्थित अंसल टाउन स्थित मकान पर देर रात तक तलाशी अभियान चलाया। ASP महेंद्र कुमार मीणा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, फाइलें, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और रजिस्ट्री से संबंधित रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं।
ब्यूरो अब इन दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका रिश्वत मामले से क्या संबंध है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि रिश्वतखोरी का यह सिलसिला कब से चल रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों और संभावित दलालों से भी पूछताछ की जा रही है।
ACB की कोटा और अलवर शाखाएं समन्वय के साथ इस पूरे मामले की तहकीकात को आगे बढ़ा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं और जल्द ही पूरा रिश्वतचक्र सामने आ सकता है।
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इधर, ACB अलवर ने भी भरत यादव के खिलाफ स्वतंत्र जांच शुरू कर दी है। तलाशी में बरामद दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं रिश्वत का यह खेल लंबे समय से तो नहीं चल रहा था। ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ की जा रही है। यदि अन्य अधिकारियों या बिचौलियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।