अलवर के बाला किला क्षेत्र में स्थित करणी माता मंदिर
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अलवर के बाला किला क्षेत्र में स्थित करणी माता मंदिर का रास्ता छह महीने के लंबे अंतराल के बाद रविवार से श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी रूप से खोल दिया गया है। करणी माता मेले के दौरान 19 अक्टूबर तक श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर सकेंगे। हालांकि, क्षेत्र में बाघिन एसटी-2302 और उसके दो शावकों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग और जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को निर्धारित रास्तों पर ही चलने, समूह में यात्रा करने और जंगल के प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचने के निर्देश दिए हैं।
सुबह 6 से शाम 6 बजे तक प्रवेश
मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक ही प्रवेश की अनुमति होगी। पैदल यात्रियों को शाम 5:30 बजे के बाद प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस समय के बाद केवल दोपहिया वाहनों को प्रवेश की अनुमति रहेगी। प्रशासन ने मेले के दौरान डीजे और लाउडस्पीकर बजाने के साथ ही प्लास्टिक के डिस्पोजेबल उत्पादों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया है।
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अहमदाबाद की पोशाक और वृंदावन का मुकुट
इस वर्ष मेले में माता के शृंगार के लिए अहमदाबाद के कारीगरों ने विशेष पोशाक तैयार की है, जबकि मुकुट वृंदावन के कारीगरों ने बनाया है। श्रद्धालुओं को मंदिर में माता के दर्शन के साथ उनके विशेष शृंगार के दर्शन का अवसर भी मिलेगा। नवरात्र स्थापना दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के काला कुआं सेवा केंद्र की ओर से रविवार शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक चैतन्य देवियों की झांकी सजाई जाएगी। इसमें श्रद्धालु मां दुर्गा, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती के दिव्य स्वरूपों के दर्शन कर सकेंगे।