राजस्थान के अलवर में टॉफी देने के बहाने खंडहर में बुलाकर पांच वर्ष की मासूम के साथ दुष्कर्म और सिर पर भारी पत्थर से वार कर हत्या करने वाले अभियुक्त राजकुमार को विशेष अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। न्यायाधीश अजय शर्मा ने फैसले में कहा है कि ऐसे जघन्य अपराधों को लेकर न्यायालय आंख पर पट्टी बांधकर नहीं बैठ सकता। यौन अपराधों व ऐसा करने की सोचने वालों के बीच जीरो टोलरेंस का सख्त संदेश देना न्यायालय का कर्तव्य है।
अदालत ने कहा कि अभियुक्त राजकुमार ने पीड़िता को अत्यंत दर्दनाक और तकलीफदेह मौत दी, जो कल्पना से परे है। अभियुक्त ने राक्षस बनकर जिस पैशाचिक प्रवृत्ति का प्रदर्शन किया, उसे सोच कर किसी पत्थर दिल आदमी की भी आत्मा कांप सकती है। अलवर के रेवाली गांव में 1 फरवरी 2015 यह दर्दनाक हई थी।
पड़ोस में रहने वाले अभियुक्त राजकुमार के खिलाफ बहरोड़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था। न्यायालय ने सुनवाई के बाद राजकुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376, 302, 201 एवं धारा 5 (एम)/6 पोक्सो अधिनियम के तहत दोषी माना। न्यायाधीश अजय शर्मा ने अपने फैसले में कहा कि अभियुक्त को फांसी की सजा के अतिरिक्त अन्य कोई सजा नहीं दी जा सकती।
उन्होंने कहा कि अभियुक्त का आचरण पूर्व में भी खराब रहा है। अभियुक्त हमेशा सॉफ्ट टारगेट अर्थात छोटी बच्चियों को अपनी वासना का शिकार बनाने की फिराक में रहता है। यह कोई साधारण प्रकरण नहीं है। इस हत्या ने जनसाधारण की आत्मा को झकझोर दिया। ये भयंकर कृत्य निश्चित रूप से ही रेयरेस्ट ऑफ रेयर की श्रेणी में आता है।