नौकरी का झांसा देकर असम से महिला को अलवर लाया एजेंट
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रोजगार दिलाने के नाम पर असम से अलवर लाई गई एक महिला को महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र ने उसके पति से मिलाकर सुरक्षित घर भेज दिया। महिला ने आरोप लगाया कि एक एजेंट उसे और उसके पति को नौकरी का झांसा देकर राजस्थान लेकर आया था लेकिन यहां पहुंचने के बाद दोनों को अलग कर दिया गया। अरावली विहार थाना क्षेत्र स्थित यातायात पुलिस थाने में संचालित महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र ने मामले में तत्परता दिखाते हुए महिला को संरक्षण दिया और उसके पति से संपर्क कर दोनों को दोबारा मिलवाया।
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पीड़िता के अनुसार 18 मई को एजेंट उसे और उसके पति को असम से लेकर निकला था। दिल्ली पहुंचने पर एजेंट ने उसके पति को वहीं छोड़ दिया, जबकि महिला को अकेले अलवर ले आया। यहां एक मकान में उससे जबरन झाड़ू-पोंछा और घरेलू काम करवाने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर उसे डराया-धमकाया गया और पुलिस कार्रवाई का भय दिखाया गया। डरी-सहमी महिला किसी तरह 21 मई को महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र पहुंची और पूरी घटना की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र की टीम ने तत्काल महिला को सुरक्षा प्रदान की और जांच शुरू की।
महिला सुरक्षा केंद्र से जुड़े मोनू शर्मा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद महिला के पति से संपर्क कर उसे अलवर बुलाया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद महिला को उसके पति के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद दोनों को सुरक्षित असम रवाना कर दिया गया। घटना के बाद पुलिस रोजगार के नाम पर लोगों को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में लाने वाले एजेंटों और उससे जुड़े नेटवर्क की जांच में जुट गई है।