फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jodhpur violence: दो दिन बढ़ाया गया कर्फ्यू, क्यों 'जला' शहर, कितने घायल और कितने पकड़े गए? इस रिपोर्ट में जानिए

Wed, 04 May 2022 09:35 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

जोधपुर में भड़की हिंसा के बाद दस थाना इलाकों में छह मई रात 12 बजे तक कर्फ्यू लगा दिया गया है। इंटरनेट सेवा भी अगले आदेश तक बंद है। हिंसा क्यों भड़की? जिला प्रशासन और सरकार ने इसे रोकने क्या किया? इस रिपोर्ट में जानिए इन सवालों के जवाब...
विज्ञापन
शहर में तैनात पुलिस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Jodhpur violence: जोधपुर में ईद पर भड़की हिंसा के बाद हालात तनावपूर्ण है। शहर के दस थाना इलाकों में छह मई शुक्रवार रात 12 बजे तक कर्फ्यू लगा दिया गया है। इंटरनेट सेवा भी अगले आदेश तक बंद है। संवेदनशील इलाकों में जगह-जगह पुलिस के एक हजार से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है। हिंसा भड़काने वालों की पहचान कर उनकी तलाश भी की जा रही है। अब तक 141 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिला प्रशासन शहर में शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। 

विज्ञापन


बुधवार को कर्फ्यू के कारण दस थाना क्षेत्र की ज्यादातर सड़कों पर शांति रही। सड़कों पर तैनात पुलिस के जवान लोगों पर नजर बनाए हुए हैं। घर से बाहर निकलने वालों को अंदर रहने की हिदायत भी दी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उपद्रवियों ने 40 से ज्यादा वाहनों और दस एटीएम बूथों में भी तोड़फोड़ की है। हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित 13 लोग घायल हुए थे। 
 
हिंसा को लेकर आपके मन में कई तरह से सवाल उठ रहे होंगे, जैसे हिंसा क्यों भड़की? जिला प्रशासन ने इसे रोकने क्या किया? सरकार ने क्या कदम उठाए? इस तरह के कुछ सवालों के जवाब हम आपको इस रिपोर्ट पर देंगे। आइए सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं, जोधपुर हिंसा के बारे में...

विज्ञापन

पुलिस को दागने पड़े थे आंसू गैस के गोले। - फोटो : अमर उजाला
सोमवार रात क्यों भड़की हिंसा?
शहर में भड़की हिंसा की कहानी जालोरी गेट चौराहे से शुरू हुई। ईद के मौके पर सोमवार देर रात विशेष समुदाय के लोग पहुंचे और अपने धर्म का झंडा लगाने लगे। उन्होंने यहां स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा की प्रतिमा के पास पहले से लगे भगवा झंडे को उतार दिया। इस दौरान कुछ युवक वहां पहुंचे और उन्हें ऐसा करने से मना करते हुए उनका वीडियो बनाने लगे। इसके बाद दूसरे समुदाय के लोगों ने उन पर हमला कर दिया। सूचना मिलते ही दोनों समुदाय के लोग आमने सामने आ गए। 

विवाद के बाद दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया। जिसमें एक मीडियाकर्मी सहित कुछ अन्य लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर लोगों को खदेड़कर मामला को शांत कराया। पुलिस के खदेड़ने के बाद एक पक्ष जालोरी गेट के पास और दूसरा ऑक्सफोर्ड स्कूल के पास अपने-अपने इलाके में चला गया। लेकिन, तनावपूर्ण हालात एक फिर बिगड़ गए। ऑक्सफोर्ड स्कूल की ओर से आए लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इन्हें काबू में करने पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस के काफी प्रयास के बाद लोग तितर-बितर हुए। बताया रहा है कि इस दौरान पुलिस ने धारा 144 लागू कर दी थी। 

राजस्थान में चार साल में छह बड़े 'दंगे', पढ़ें ये रिपोर्ट

भाजपा विधायक के घर हमला 
शहर में ईद का त्योहार होने और देर रात भड़की हिंसा के कारण प्रशासन सख्त था। संदिग्ध इलाकों में पुलिस के जवान तैनात थे। इसके बाद भी बाद बाद जालोरी गेट चौराहे पर बड़े संख्या में लोग एकत्रित हो गए। पुलिस ने बल प्रयोग कर सभी को खदेड़ा। इसके कुछ देर बार उपद्रवियों ने जालोरी गेट के पास स्थित सूरसागर से भाजपा विधायक सूर्यकांता व्यास के घर के पर हमला कर दिया। यहां खड़ी एक बाइक को आग लगा। हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और उपद्रवियों को खदेड़ा। इसके बाद इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस के जवान तैनात किए गए।

फोटाे में देखें जोधपुर हिंसा

मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत ने बैठक की थी। - फोटो : अमर उजाला
जन्मदिन के कार्यक्रम निरस्त कर गहलोत ने बुलाई बैठक 
मंगलवार को ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जन्मदिन था। इस अवसर पर सीएम हाउस पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाना था, लेकिन जोधपुर हिंसा के बाद सीएम ने अपने सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए। उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों की तत्काल बैठक बुलाई। जिसमें उन्होंने अधिकारियों को सांप्रदायिक सौहार्द और शांति भंग करने वालों की पहचान कर कड़ी करवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही गृह राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह, जोधपुर प्रभारी मंत्री सुभाष गर्ग, अतरिक्त गृह सचिव अभय कुमार, अतरिक्त पुलिस महानिदेशक हवा सिंह घुमरिया को हेलीकॉप्टर से जोधपुर जाने के निर्देश दिए थे।

क्या इंटेलिजेंस इनपुट के हिसाब से जाब्ता मौजूद था? 
इस प्रश्न पर जोधपुर पुलिस कमिश्नर नवज्योति गोगई ने कहा कि उपस्थिति तो थी, लेकिन भीड़ के अनुपात में हमारा जाब्ता कम था। उन्होंने कहा कि जिस तरह की घटना हुई, हम उसे काबू करने में सफल रहे हैं। प्रदेश के एडीजी लॉ एंड आर्डर हवा सिंह घुमरिया ने इस सवाल पर कहा कि अगर, हम शत-प्रतिशत सफल होते तो यहां बैठे नहीं होते।  

आरोपी को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस। - फोटो : एएनआई
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
अब तक 141 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 133 को धारा 151 के तहत और अन्य 8 को हिंसा भड़काने सहित अन्य आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने चार एफआईआर दर्ज की गईं हैं। साथ ही आम लोगों ने भी आठ एफआईआर दर्ज कराईं हैं। 

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने घायल से की मुलाकात। - फोटो : अमर उजाला
हिंसा में कितने लोग हुए घायल?
पुलिस के अनुसार हिंसा में 9 पुलिसकर्मी, एक मीडियाकर्मी सहित तीन लोग घायल हुए हैं। सभी का अस्पताल में इलाज चल रहा और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। बीते मंगलवार को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अस्पताल में भर्ती पीड़ितों से मुलाकात भी की थी।

शहर में संख्या में पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। - फोटो : एएनआई
दस थाना क्षेत्रों में लगा कर्फ्यू
जोधपुर जिला प्रशासन ने तनाव को देखते हुए जोधपुर के उदयमंदिर, सदर कोतवाली, खांडाफलसा, प्रताप नगर, सदर बाजार, नागोरी गेट, देव नगर, प्रताप नगर सदर, सूरसागर और सरदारपुरा थाना क्षेत्र में आज रात 12 बजे तक कर्फ्यू लगाया गया है। हालांकि, इसके और बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। 

पुलिस अधिकारियों से बात करते गृह राज्य मंत्री राजेश यादव और अन्य। - फोटो : एएनआई
गृह राज्य मंत्री यादव बोले- कार्रवाई होगी  
जोधपुर पहुंचे गृह राज्य मंत्री राजेश यादव ने कहा कि उपद्रव में शामिल बदमाशों की गिरफ्तारियां लगातार की जा रहीं हैं। अगर मामले में किसी भी अधिकारी की लापरवाही सामने आई, उसके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों से भी मुलाकात की थी। 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बोले- यह भाजपा का एजेंडा 
उन्होंने कहा कि राजस्थान में जो भी हो रहा है, यह सब भाजपा का एजेंडा है। भाजपा हाईकमान ने प्रदेश के भाजपा नेताओं को ब्रीफ किया गया है। विधानसभा चुनाव आने वाले है, इस कारण इनका एक ही उद्देश्य है कि प्रदेश में आग लगाएं। भाजपा और आरएसएस का एजेंडा बेहद खतरनाक हो गया है। मैंने प्रदेश में सब चाक-चौबंद कर रखा है। हम लोगों ने करौली, राजगढ़ और जोधपुर कहीं भी दंगा नहीं होने दिया। यहां कोई भी बड़ी घटना नहीं हुई।
विज्ञापन

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया बोले-  सरकार का संरक्षण 
उन्होंने कहा, कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार की तुष्टीकरण की राजनीति से प्रदेश में अशांति है। यहां की कानून व्यवस्था चुनौतीपूर्ण और चिंताजनक है। कांग्रेस सरकार के समय में ही इस तरह की घटनाएं क्यों होती हैं? इसका मतलब है कि अराजक तत्वों को संरक्षण मिलता है। एक तरफ सरकार पीएफआई को कोटा में रैली करने की परमिशन देते हैं। दूसरी तरफ रामनवमी और हिंदू नववर्ष के जुलूसों पर प्रतिबंध लगाती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें