अजमेर नगर निगम के दूसरे चरण में शुक्रवार को 80 वार्डों के लिए मतदान संपन्न हो गया। कल शाम 6 बजे मतदान खत्म होने तक शहर में 63.65 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यानी शहर की सरकार चुनने के लिए करीब दो-तिहाई मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान समाप्त होते ही नगर निगम के 80 वार्डों में मैदान में उतरे 360 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में कैद हो गया। अब सभी की निगाहें 14 सितंबर को होने वाली मतगणना पर टिक गई हैं।
2021 के मुकाबले 2.52 प्रतिशत कम वोटिंग
सबसे ज्यादा चर्चा इस बार मतदान प्रतिशत को लेकर है। 2021 के नगर निगम चुनाव में 66.17 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसके मुकाबले इस बार मतदान 2.52 प्रतिशत अंक कम रहा है। ऐसे में कम मतदान ने भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। हालांकि मतदान प्रतिशत में कमी का सीधा फायदा या नुकसान किसी एक दल को होगा, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। असली तस्वीर मतगणना के बाद ही साफ होगी।
2005 के बाद तीसरा सबसे ज्यादा मतदान
अजमेर नगर निगम के चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो वर्ष 2026 का 63.65 प्रतिशत मतदान 2005 के बाद तीसरा सबसे ज्यादा मतदान है। वर्ष 2005 में 57.80 प्रतिशत, 2010 में 54.80 प्रतिशत, 2015 में 62.78 प्रतिशत और 2021 में रिकॉर्ड 66.17 प्रतिशत मतदान हुआ था। यानी 2010 के बाद लगातार दो चुनावों में मतदान प्रतिशत बढ़ा, लेकिन इस बार फिर इसमें गिरावट दर्ज की गई।
छोटे अंतर से तय हो सकती है हार-जीत
इस बार कई वार्डों में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच मुकाबला बेहद कांटे का माना जा रहा है। टिकट वितरण के बाद दोनों प्रमुख दलों में बगावत के कारण बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं। इससे कई वार्डों में मुकाबला बहुकोणीय हो गया है। ऐसे में कुछ वार्डों में महज कुछ दर्जन या 100-200 वोटों का अंतर भी जीत-हार तय कर सकता है।
2021 में भाजपा ने जीती थीं 47 सीटें
वर्ष 2021 के नगर निगम चुनाव में भाजपा ने 80 में से 79 वार्डों में चुनाव लड़ते हुए 47 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस को 18, निर्दलीयों को 13 और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को एक सीट मिली थी। एक वार्ड में भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुई थीं। इस बार भाजपा के 79 और कांग्रेस के 77 प्रत्याशी मैदान में हैं। निर्दलीय और अन्य दलों के प्रत्याशियों की संख्या 204 है।
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14 सितंबर को खुलेगा ईवीएम का राज
मतदान के बाद अब प्रत्याशियों की नजर मतगणना पर है। 14 सितंबर को सुबह 8 बजे पॉलीटेक्निक कॉलेज में 80 वार्डों की मतगणना होगी। छह कमरों में एक साथ गिनती शुरू होगी। पहले डाक मतपत्र और इसके बाद ईवीएम के वोटों की गणना की जाएगी। भाजपा और कांग्रेस ने परिणाम से पहले ही अपने प्रत्याशियों की पुष्कर के रिसॉर्ट्स में बाड़ेबंदी कर रखी है। अब देखना होगा कि कम मतदान, बागियों और बहुकोणीय मुकाबले का फायदा किसे मिलता है।