Ajmer: सचिव रामनिवास मेहता ने स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार सिर्फ प्राप्तांकों की पुनर्गणना की जा सकती है। उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की अनुमति नहीं होगी। इसका अर्थ है कि सिर्फ जोड़े गए अंकों की गणना दोबारा की जाएगी, लेकिन उत्तरों की गुणवत्ता की समीक्षा नहीं होगी।
लोक सेवा के आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने जानकारी दी कि आयोग ने होरिजेंटल श्रेणी, विभागीय कर्मचारी, भूतपूर्व सैनिक, उत्कृष्ट खिलाड़ी और दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए प्राप्तांकों की री-टोटलिंग (पुनः गणना) का अवसर प्रदान किया है। अभ्यर्थी 12 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर लिंक उपलब्ध कराया गया है।
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ऑनलाइन माध्यम से होगा आवेदन
प्राप्तांकों की पुनः गणना के लिए अभ्यर्थियों को आयोग की वेबसाइट पर एग्जाम डैशबोर्ड में उपलब्ध लिंक के माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और प्रति प्रश्न 25 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। यह शुल्क भी ऑनलाइन माध्यम से ही जमा किया जा सकेगा। ऑफलाइन आवेदन या शुल्क स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पुनर्गणना की सीमा: सिर्फ अंक पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन नहीं
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करें और आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें।