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Ajmer News: अजमेर शरीफ के सूफी प्रतिनिधिमंडल ने ईरानी दूतावास पहुंचकर जताई संवेदना, विश्व शांति के लिए की दुआ

Tue, 10 Mar 2026 09:21 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर/नई दिल्ली

सार

Ajmer News: अजमेर शरीफ दरगाह से जुड़े सूफी प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में ईरान कल्चर हाउस और ईरानी दूतावास पहुंचकर हजरत ग्रैंड आयतुल्लाह इमाम अली खामेनेई की शहादत पर संवेदना व्यक्त की और विश्व शांति तथा अमन के लिए दुआ की।
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अजमेर शरीफ के सूफी प्रतिनिधिमंडल ने ईरानी दूतावास पहुंचकर जताई संवेदना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अजमेर शरीफ स्थित विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती (गरीब नवाज) से जुड़े सूफी संतों के एक आध्यात्मिक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में ईरान कल्चर हाउस और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास पहुंचकर हजरत ग्रैंड आयतुल्लाह इमाम अली खामेनेई की शहादत पर गहरी संवेदना व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल ने ईरान की जनता के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए विश्व शांति के लिए विशेष दुआ की।

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हाजी सैयद सलमान चिश्ती के नेतृत्व में हुई मुलाकात
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व दरगाह अजमेर शरीफ के गद्दी नशीं हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने किया। प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले ईरान कल्चर हाउस पहुंचकर भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि हुज्जतुल इस्लाम हकीम इलाही से मुलाकात की। इस दौरान ईरानी दूतावास के सांस्कृतिक काउंसलर और ईरान कल्चर हाउस के प्रमुख शैख जियाई भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने वहां अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

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ईरानी दूतावास में दर्ज की संवेदना
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास पहुंचा, जहां डिप्टी हाई कमिश्नर महामहिम डॉ. आगा हुसैनी से मुलाकात की गई। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने आधिकारिक कंडोलेंस बुक में अपने संदेश दर्ज कर ईरान की जनता के प्रति संवेदना प्रकट की।
 
सूफी प्रतिनिधिमंडल में कई सदस्य रहे शामिल
सूफी प्रतिनिधिमंडल में हाजी सैयद सलमान चिश्ती, सैयद मेहराज चिश्ती, सैयद दानिश अली, सैयद नूर चिश्ती और सैयद नदीम चिश्ती शामिल थे। इसके अलावा दिल्ली की एतिहासिक सूफी दरगाहों से भी कई प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें दरगाह हजरत कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी के सैयद जावेद कुतबी, दरगाह हजरत निजामुद्दीन औलिया के सैयद अनफल निजामी, दरगाह हजरत नसीरुद्दीन चिराग-ए-दिल्ली के सैयद दानिश नसीरी चिश्ती, सैयद सादिक हुसैनी सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।

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विश्व शांति और इंसानियत के लिए की गई प्रार्थना
इस अवसर पर सूफी प्रतिनिधिमंडल और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच सम्मान और एकजुटता के साथ विचारों का आदान-प्रदान हुआ। सभी ने मिलकर विश्व में अमन, भाईचारे और इंसानियत की भलाई के लिए दुआ की। साथ ही ईरान के बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित युद्ध और हिंसा से प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा के लिए भी प्रार्थना की गई।
 
भारत-ईरान के एतिहासिक संबंधों का उल्लेख
हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने कहा कि भारत और ईरान के बीच सदियों पुराने आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और एतिहासिक संबंध रहे हैं, जिन्होंने दोनों देशों की साझा सभ्यता और विरासत को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया को निर्दोष लोगों के खिलाफ होने वाली हिंसा और युद्ध अपराधों की कड़ी निंदा करनी चाहिए तथा विश्व नेताओं को न्याय, संयम और शांतिपूर्ण संवाद के मार्ग को अपनाना चाहिए।
 
कार्यक्रम के अंत में अजमेर शरीफ की पवित्र दरगाह से ईरान सहित पूरी दुनिया में अमन, स्थिरता और इंसानियत की भलाई के लिए विशेष दुआ की गई।

 

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