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Ajmer: शंकर दूध डेयरी की पनीर निर्माण इकाई में भारी गंदगी उजागर, फूड लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू

Mon, 08 Dec 2025 06:20 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

Ajmer News: शुद्ध आहार अभियान के तहत अजमेर में शंकर दूध डेयरी की पनीर इकाई में भारी गंदगी और मानकों का उल्लंघन मिला। 300 किलो पनीर जब्त हुआ, नमूना जांच को भेजा गया और फूड लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई।
 
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शंकर दूध डेयरी की पनीर निर्माण इकाई में भारी गंदगी उजागर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अजमेर जिले में शुद्ध आहार एवं मिलावटखोरी के विरुद्ध चल रहे वार अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा दल ने नौसर घाटी, रघु रेजिडेंसी स्थित शंकर दूध डेयरी की पनीर निर्माण इकाई पर बड़ी कार्रवाई की है।  आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, राजस्थान जयपुर की डॉ. टी. शुभमंगला और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अजमेर डॉ. ज्योत्सना रंगा के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में डेयरी में भारी गंदगी, अनहाइजीनिक माहौल और मानकों का गंभीर उल्लंघन पाया गया।

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निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि पनीर निर्माण इकाई अत्यंत गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियों में संचालित की जा रही थी। मौके पर लगभग 300 किलो पनीर जब्त किया गया। साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत पनीर का एक नमूना जांच के लिए लिया गया। यह कार्रवाई संपर्क पोर्टल पर दर्ज एक शिकायत के आधार पर की गई थी।

टीम ने पाया कि पनीर निर्माण के दौरान निकलने वाला बदबूदार और सड़ा हुआ पानी सीधे इकाई के पीछे स्थित खेतों में बह रहा था। इसका कोई निस्तारण व्यवस्था खाद्य कारोबारकर्ता द्वारा नहीं की गई थी। कारखाने के अंदर और बाहर जगह-जगह गंदगी फैली हुई थी, फर्श टूटा हुआ था और कमरे में मकड़ी के जाले लगे हुए थे। तैयार पनीर पर मक्खियां भिनभिना रही थीं, जिससे स्पष्ट हुआ कि उत्पादन प्रक्रिया पूरी तरह अस्वच्छ तरीके से की जा रही थी।
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निरीक्षण दल ने बताया कि दूध को फाड़कर पनीर तैयार किए जाने के दौरान निकलने वाला गंदा पानी खुले में बह रहा था, जिससे आसपास दूषित वातावरण फैल रहा था। यह स्थिति सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

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इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खाद्य कारोबारकर्ता को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 34 के तहत इमरजेंसी प्रोहिबिशन ऑर्डर जारी किया है। साथ ही डेयरी का फूड लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
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इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश त्रिपाठी, दीपक कुमार, केसरी नंदन शर्मा और राजेंद्र शर्मा सहित सहायक राजकुमार मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में मिलावट और अनहाइजीनिक खाद्य निर्माण के खिलाफ सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।

 

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