Ajmer: आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे आवेदन करने से पहले आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://rpsc.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध विस्तृत विज्ञापन को ध्यानपूर्वक पढ़ लें, जिसमें शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण, चयन प्रक्रिया आदि की पूरी जानकारी दी गई है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में कनिष्ठ रसायनज्ञ (Junior Chemist) के 13 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 9 अप्रैल 2025 से शुरू होगी और 8 मई 2025 तक चलेगी। इच्छुक अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
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इस भर्ती प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों से केवल ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन माध्यम से प्राप्त किसी भी प्रकार के आवेदन मान्य नहीं होंगे। आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि परीक्षा की तिथि और स्थान की जानकारी बाद में आयोग द्वारा जारी की जाएगी।
आवेदन प्रक्रिया ऐसे करें
आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों को सबसे पहले राजस्थान सरकार के SSO पोर्टल https://sso.rajasthan.gov.in पर लॉगिन करना होगा। इसके बाद सिटिजन एप (G2C) के अंतर्गत उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन करना होगा। यहां अभ्यर्थियों को सबसे पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) करना आवश्यक होगा। वहीं, OTR करते समय अभ्यर्थियों को अपना नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, लिंग, माध्यमिक परीक्षा या समकक्ष परीक्षा का प्रमाण पत्र, और पहचान प्रमाण पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस) अपलोड करना अनिवार्य होगा। एक बार OTR प्रोफाइल बन जाने के बाद उसमें किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा। इसके बाद अभ्यर्थी अपने OTR नंबर का उपयोग करते हुए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।
आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे आवेदन करने से पहले आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://rpsc.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध विस्तृत विज्ञापन को ध्यानपूर्वक पढ़ लें, जिसमें शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण, चयन प्रक्रिया आदि की पूरी जानकारी दी गई है। यह भर्ती राज्य के उन युवा अभ्यर्थियों के लिए सुनहरा अवसर है, जो रसायन शास्त्र के क्षेत्र में सरकारी सेवा करना चाहते हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि से पूर्व आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचा जा सके।