अयोध्या में नवनिर्मित रामलाल के मंदिर में अजमेर की एक फैक्ट्री में बनी चपाती मेकर मशीनों से वहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रोटियां बनेगी। यह मशीन एक घंटे में 1,200 रोटियां बनाएगी। सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी में चपाती मेकर मशीनों को हरी झंडी दिखाकर अयोध्या के लिए रवाना किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
अयोध्या में भक्तों के लिए बनने वाली भोजन प्रसादी में रोटी बनाने के लिए अजमेर से आठ चपाती मेकिंग मशीन को भेजा गया है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को हरी झंडी दिखाकर मशीनों को रवाना किया। उन्होंने कहा कि मां सीता के भोजनशाला में अजमेर से मशीनों के जाने से पुण्य प्राप्त होगा। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
देवनानी ने बताया कि 22 जनवरी को भगवान राम की गर्भगृह में मूर्ति स्थापना होगी। सालों पुराना भारतीयों का सपना पूरा हो रहा है। इसके लिए 500 साल तक संघर्ष करते रहे और हजारों कार सेवक शहीद हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कार सेवकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित होगी। भगवान अपने गर्भ गृह में विराजेंगे, यह सभी का सौभाग्य है।
सीता भोजनशाला में बनेगी रोटियां
देवनानी ने कहा कि धीरे-धीरे पूरा भारत राम मय हो रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या नगरी विश्व का सबसे बड़ा तीर्थ स्थल बनने जा रहा है। इस अवसर पर अजमेर वासियों की भी सहभागिता बन रही है। उन्होंने कहा कि सोमवार को अयोध्या के सीता भोजनशाला में बनने वाली रोटियों के लिए मशीनों को रवाना किया है। अजमेर से आठ मशीन भेजी गई है। मां सीता के भोजनशाला में जाने का निश्चित रूप से पुण्य प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि अजमेर के 50 कारीगर भी वहां काम कर रहे हैं।
यह है मशीन की खासियत
मशीन निर्माता राजेश और मनीष शर्मा ने बताया कि अयोध्या से उन्हें संत गोपालदास की ओर से मशीनों का आर्डर मिला था। एक मशीन एक बार में 1,200 चपातियां बनाएगी। पिकअप को सजाकर उसमें मशीन को रखकर भेजा गया है। सात और मशीन तैयार हो रही है, जिन्हें भी भेजा जाएगा।
फैक्ट्री मालिक मनीष शर्मा ने बताया कि उनकी फैक्ट्री में बनी मशीनें सालासर बालाजी, मेंहदीपुर बालाजी, खाटूश्याम जी मन्दिर में लगी है। इसके अलावा होटल ताज, जोधपुर के महल सहित देश के बड़े मंदिरों, आश्रमों, सहित निजी कंपनियों में लगी हैं। जो चपाती बनाने का काम कर रही हैं। वहीं, फैक्ट्री मालिक मनीष शर्मा ने कहा कि उनकी फैक्ट्री में बनी मशीने अयोध्या में जा रही हैं, यह उनके लिए बहुत सौभाग्य और खुशी की बात है।