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Rain In Rajasthan: सर्दी की पहली बारिश, आज फिर बदरा के बरसने की संभावना, 10 नवंबर से चलेंगी ठंडी हवाएं

Tue, 08 Nov 2022 12:45 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से सोमवार देर रात सर्दी के सीजन की पहली बारिश हुई। उत्तरी राजस्थान के कई जिलों में तेज हवा के साथ करीब दो मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं मंगलवार सुबह से कई जिलों में बादल छाए रहे।
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सर्दी की पहली बारिश - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से सोमवार देर रात सर्दी के सीजन की पहली बारिश हुई। उत्तरी राजस्थान के श्रीगंगानगर, चूरू और बीकानेर के कुछ हिस्सों में तेज हवा के साथ करीब दो मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं मंगलवार सुबह से श्रीगंगानगर, चूरू, हनुमानगढ़, सीकर, झुझुनूं और जैसलमेर में बादल छाए रहे। जयपुर और जोधपुर में सुबह-सुबह हल्की धुंध रही।

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मौसम केंद्र जयपुर और जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार रात श्रीगंगानगर के रायसिंह नगर में 1.4 मिमी, गजसिंहपुर दो और पदमपुर में 1 मिमी बारिश हुई। इसी तरह चूरू में 0.4 और पिलानी में 1 मिमी बरसात रिकॉर्ड हुई। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, आज भी सात जिलों में बारिश हो सकती है। इनमें श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और बीकानेर में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। सीकर, झुझुनूं और जैसलमेर एरिया में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।

तीन डिग्री बढ़ा न्यूनतम तापमान...
मौसम में हुए इस बदलाव का असर रात के न्यूनतम तापमान में भी देखने को मिला। बादल छाने के कारण चूरू में रात का न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया। कल चूरू में न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ था, जो आज 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसी तरह बीकानेर, जोधपुर और जैसलमेर के तापमान में भी एक डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई।
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इसलिए बढ़ा रात का पारा...
मौसम विभाग के मुताबिक, वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के कारण उत्तर से आने वाली ठंडी हवा अभी रूक जाती हैं। इसके साथ ही बादलों की लेयर वातावरण में नीचले लेवल पर छा जाती है। इन बादलों और पृथ्वी की सतह के बीच प्रदूषण और गर्म हवा से तापमान में इजाफा होता है। जैसे ही वेस्टर्न डिर्स्टबेंस सिस्टम चला जाएगा तो वातावरण से बादल हट जाएंगे और उत्तरी हवाएं मैदानी इलाकों तक पहुंचने लगेगी, इससे तापमान में गिरावट होगी। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, वेस्टर्न डिर्स्टबेंस अभी उत्तरी भारत के हिस्सों में एक्टिव हैं, जो 9 नवंबर तक रहेगा। 9 नवंबर से ये सिस्टम आगे चला जाएगा और हवाओं का रूख फिर से बदल जाएगा। 10-11 नवंबर से सर्द हवाएं चलने लगेंगी।

इससे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में तापमान गिरने लगेगा और ठंड बढ़ेगी। राजस्थान में उत्तरी हिस्सों में पारा चार डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। इसके साथ गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू बेल्ट में 10 नवंबर से कोहरा भी देखने को मिल सकता है।

रबी के लिए फायदेमंद...
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, आसमान से बरसा पानी रबी की फसल की बुवाई करने वाले किसानों के लिए फायदेमंद है। क्योंकि इस समय बड़ी संख्या में खेतों में जौ, चना, गेंहू और सरसों की बुवाई की जा रही है। ऐसे में बुवाई से पहले खेतों में नमी के लिए किसानों को सिंचाई करनी पड़ती है। बारिश से इन एरिया में खेतों में नमी का स्तर बढ़ जाएग, जो बुवाई के लिए फायदेमंद होगा।

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