फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: 120 बीघा जमीन की लीज पर बवाल, नौ दिन से भूख हड़ताल पर आंदोलनकारी; अब कलेक्ट्रेट तक मार्च का एलान

Tue, 28 Jul 2026 06:23 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

Rajasthan News: ब्यावर जिले में 120 बीघा भूमि की लीज के विरोध में आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। नौवें दिन भी आमरण अनशन जारी रहा। ग्रामीण गुरुवार को 12 किलोमीटर की पदयात्रा कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे और लीज निरस्त करने की मांग करेंगे।
 
विज्ञापन
120 बीघा भूमि लीज के विरोध में आंदोलन करने लोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ब्यावर जिले की पंचायत समिति जवाजा की ग्राम पंचायत अतीतमंड में 120 बीघा भूमि की लीज के विरोध में चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलन के नौवें दिन भी प्रशासक दुष्यंत सिंह रावत का आमरण अनशन जारी रहा। बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की मांगों पर अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है।

विज्ञापन


प्रशासन की चुप्पी के खिलाफ 12 किमी पदयात्रा
दुष्यंत सिंह रावत ने कहा कि आंदोलन शुरू हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक समस्या के समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। इसी के विरोध में गुरुवार को अतीतमंड सहित आसपास की पांच ग्राम पंचायतों के ग्रामीण 12 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। पदयात्रा में सैकड़ों ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना है।

ग्रामीणों का बढ़ता समर्थन, एक दिन नहीं जला चूल्हा
उन्होंने बताया कि आंदोलन को लगातार क्षेत्रीय ग्रामीणों का समर्थन मिल रहा है। विरोध स्वरूप ग्रामीणों ने एक दिन अपने घरों में चूल्हा तक नहीं जलाया और चूल्हा-चौका बंद रखकर प्रशासन के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल भूमि का नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों के भविष्य और आजीविका का सवाल है।
विज्ञापन


रोजगार छिनने की आशंका से बढ़ी चिंता
प्रेस वार्ता में ग्रामीणों ने बताया कि मगरा क्षेत्र में अधिकांश परिवार पत्थर खनन से ही अपनी आजीविका चलाते हैं। यदि जिस भूमि पर वर्षों से उनका रोजगार निर्भर है, उसे लीज पर दे दिया जाता है तो सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। उनका कहना है कि क्षेत्र में रोजगार के अन्य पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए सरकार और प्रशासन को स्थानीय लोगों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

ग्रामीणों की चेतावनी, आंदोलन होगा और व्यापक
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उनका आरोप है कि रोजगार के अवसर समाप्त होने पर क्षेत्र के लोगों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

यह भी पढ़ें: भरतपुर बांके बिहारी मंदिर: दान में दिए हीरे के साथ रसीद भी गायब; सरकार ने जांच बैठाई

उधर, गुरुवार को प्रस्तावित विशाल पदयात्रा और प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस एवं प्रशासनिक अमला भी सतर्क हो गया है। कलेक्ट्रेट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
विज्ञापन


क्या हैं आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें?
आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि ग्राम पंचायत की 120 बीघा भूमि की लीज प्रक्रिया को निरस्त किया जाए तथा स्थानीय ग्रामीणों के हितों और आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। अब सभी की नजर गुरुवार को होने वाली पदयात्रा और जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें