अजमेर के ऋषि घाटी स्थित जगदीश पुरी मंदिर विवाद को लेकर मंगलवार को पूर्व पुजारी गोविंद नारायण शर्मा ने अपने आप को आग के हवाले कर दिया और आत्मदाह का प्रयास किया। गनीमत रही कि पंडित का पोता वहां पहुंच गया, जिसने आनन-फानन में आग पर काबू पाया और अपने दादा को जेएलएन हॉस्पिटल भिजवाया। जहां पुजारी का उपचार किया जा रहा है।
सूचना मिलते ही गंज थाना पुलिस हॉस्पिटल पहुंची और घटना की जानकारी लेने के साथ ही घटनास्थल का मौका मुआयना किया गया। पुलिस ने पीड़ित से शिकायत लेकर मामले में मुकदमा दर्जकर जांच शुरू कर दी है। वही, आत्मदाह से पहले पंडित ने सुसाइड नोट लिखा है, जिसमें मंदिर कमेटी पदाधिकारियों के नाम भी लिखे हैं और उन पर प्रताड़ित करने व जिला प्रशासन पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।
दरअसल, मंगलवार को ऋषि घाटी स्थित जगदीश पुरी मंदिर में पुजारी गोविंद नारायण शर्मा ने अपने ऊपर घासलेट छिड़ककर खुद को आग के हवाले कर दिया और आत्मदाह का प्रयास किया। गनीमत रही कि पुजारी का पोता भरत वहां पहुंचा, जिसने अपने दादा गोविंद को आग की लपटों में देख बुझाने का प्रयास किया। आग को बुझाने के बाद तुरंत दादा को जेएलएन हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। जहां डॉक्टर्स ने पुजारी को प्राथमिक उपचार देने के बाद हॉस्पिटल के बर्न वार्ड में एडमिट किया है।
सूचना मिलते ही गंज थाना प्रभारी धर्मवीर सिंह थाने का जाप्ता हॉस्पिटल पहुंचा और पंडित के परिवार से जानकारी ली गई, जिसके बाद घटनास्थल का पुलिस ने मौका मुआयना कर परिवार से शिकायत लेकर मुकदमा दर्ज कर लिया है। गंज थाना प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि पंडित गोविंद नारायण ने आत्मदाह की कोशिश की है। मामले में परिवार की ओर से समिति के पदाधिकारियों पर प्रताड़ित करने की शिकायत दी है। नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
आत्मदाह का प्रयास करने वाले पंडित गोविंद नारायण के पोते भरत शर्मा ने आरोप लगाया कि 4 महीने पहले ही मंदिर की कार्यकारिणी घोषित हुई है, जिसके बाद से ही अध्यक्ष नरेंद्र डीडवानिया, सचिव प्रमोद डीडवानिया, उपाध्यक्ष रितेश कनोडिया और भवन प्रबंधक सुशील कनोडिया द्वारा उनके दादा गोविंद नारायण को मंदिर खाली करने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है। इसे लेकर कोर्ट कैसे चल रहा है। लंबे समय से कमेटी के पदाधिकारी उसके दादा और परिवार को विभिन्न तरीकों से प्रताड़ित कर रहे हैं, जिसके बाद परेशान होकर दादा ने इस तरह का कदम उठाया है।
पुजारी ने लिखा सुसाइड नोट...
पंडित गोविंद नारायण ने आत्मदाह करने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा है। पुजारी ने मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों पर उसके परिवार और उसे प्रताड़ित करने के साथ ही जिला प्रशासन पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए सुसाइड नोट लिखा है। पुलिस ने सुसाइड जब्त कर जांच शुरू कर दी है। जगदीश पुरी मंदिर को लेकर चल रहे विवाद के मामले में दूसरा पक्ष 8 अक्टूबर 2022 को अजमेर एसपी चूनाराम जाट को शिकायत देकर नए पुजारी के साथ मारपीट यह घटना करने वालों पर कार्रवाई की मांग की गई थी।