किशनगढ़ के गांधीनगर थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकान में हुई लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एडिशनल एसपी (ग्रामीण) डॉ. दीपक कुमार शर्मा ने मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 1.62 लाख नकद और चार लूटे गए मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेन्द्र पुत्र भंवरलाल और मनीष पुत्र कल्याणमल के रूप में हुई है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि यह घटना 10 जून 2025 की शाम करीब 8:45 बजे की है। घटना के समय दुकान मालिक दीपक साहू का भाई आलोक साहू दुकान पर मौजूद था। तभी दोनों आरोपी दुकान में घुसे, गाली-गलौच की और जान से मारने की धमकी देते हुए करीब 3.5 से 4 लाख रुपये नकद व चार मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। वारदात के बाद गांधीनगर थाने में मुकदमा संख्या 185/25 दर्ज किया गया, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अजमेर एसपी वंदिता राणा के निर्देश पर एएसपी अभिषेक अंदासु के पर्यवेक्षण और थानाधिकारी संजय शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की सूचना के आधार पर उदयपुर, राजसमंद, पुष्कर और अजमेर में दबिश दी। 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और संदिग्धों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी गई।
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लगातार प्रयासों के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उन्होंने लूट की वारदात को कबूल कर लिया है। उनके पास से ₹1.62 लाख नकद और चार लूटे गए मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि इनसे अन्य आपराधिक वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। फिलहाल दोनों से गहन पूछताछ जारी है।
इस पूरी कार्रवाई में थानाधिकारी संजय शर्मा, एएसआई हनुमान चौधरी, हेड कांस्टेबल राजूराम गुर्जर, कांस्टेबल प्रेमचंद मीणा, गजानंद, सीताराम और साइबर सेल के सुरेश की विशेष भूमिका रही। खासतौर पर हेड कांस्टेबल राजूराम गुर्जर, कांस्टेबल प्रेमचंद मीणा और गजानंद का योगदान उल्लेखनीय रहा। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों में खौफ और आमजन में विश्वास का वातावरण बना है।