हर साल की तरह इस साल भी शान और शौकत से भरेगा ख्वाजा गरीब नवाज का 813वां उर्स
अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पर भले ही विवाद हो रहा है। पर यहां के सालाना उर्स की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इस साल ख्वाजा का 813 वां उर्स मनाया जाएगा। उर्स की तारीखों और उसमें होने वाले कार्यकर्मों की रूपरेखा घोषित कर दी गई है।
दरगाह के खादिमों की संस्था अंजुमन सैयद जादगान के सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने बताया कि अजमेर शरीफ का बहुत शुकून भरा माहौल है । कोर्ट में वाद दायर करने का कोई फर्क नहीं पड़ेगा। ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पर सभी जाति धर्म के लोग आते हैं। उर्स में ज्यादा से ज्यादा जायरीन आएं इसलिए सब कुछ तय हो गया है। सरवर चिश्ती ने कहा कि 28 दिसम्बर को उर्स का झंडा चढ़ेगा और 2 जनवरी से उर्स की शुरुआत होगी । पहले रजब से नौ रजब तक गरीब नवाज के उर्स का आयोजन होगा। उर्स के दौरान गुस्ल कव्वालियां सहित अन्य रस्में भी होंगी।
20 दिसंबर को सुनवाई
हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने अजमेर की निचली अदालत में दरगाह में शिव मंदिर होने का वाद प्रस्तुत किया है। इसको लेकर आगामी 20 दिसंबर को न्यायालय में सुनवाई होगी। फिलहाल कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी करके सभी का पक्ष जाना है। दरगाह के खादिमों का कहना है कि इस पूरे मामले से दरगाह पर कोई असर नहीं पड़ा है। लगातार जायरीन आ रहे हैं। हर साल की तरह इस साल भी गरीब नवाज का उर्स धूमधाम के साथ मनाया जाएगा।