जिले के किशनगढ़ में हाल ही में पकड़ी गई फर्जी खाद फैक्ट्री को लेकर राजस्थान की राजनीति गरमा गई है। इस प्रकरण को लेकर सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस आमने-सामने हैं। मंगलवार को अजमेर शहर भाजपा अध्यक्ष रमेश सोनी और देहात भाजपा अध्यक्ष जीतमल प्रजापत ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कांग्रेस पर तीखे आरोप लगाए और फैक्ट्री के संचालन की जिम्मेदारी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर थोप दी।
शहर भाजपा अध्यक्ष रमेश सोनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि किशनगढ़ में जिन फर्जी खाद फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ हुआ है, वे कांग्रेस शासनकाल के दौरान शुरू हुई थीं। उन्होंने कहा कि 2018 से 2023 तक राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार थी। उस समय भ्रष्टाचार चरम पर था और सरकार ने रेवड़ियों की तरह लाइसेंस बांटे थे। सोनी ने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने का वादा किया था और इसी क्रम में किशनगढ़ में कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि यह छापेमारी राज्य के मंत्री किरोड़ीलाल मीणा की पहल पर हुई और इसके पीछे सरकार की सख्त नीति है।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और किशनगढ़ से कांग्रेस विधायक विकास चौधरी पर भी सीधा निशाना साधा। रमेश सोनी ने कहा कि डोटासरा अक्सर विवादों में रहते हैं और खुद संविधान की मर्यादा का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने विधानसभा में भी कई बार अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है। सोनी ने विधायक विकास चौधरी पर यह सवाल उठाया कि अगर उन्हें इन फैक्ट्रियों की जानकारी थी, तो उन्होंने समय रहते आवाज क्यों नहीं उठाई? उन्होंने कहा, विधायक को अपने गिरेबान में झांक कर देखना चाहिए। 2 साल तक चुप्पी साधे रहना इस बात का संकेत है कि वे भी इस भ्रष्टाचार के प्रति उदासीन थे।
भाजपा ने कांग्रेस द्वारा केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी पर लगाए गए आरोपों को भी सिरे से खारिज करते हुए कहा- चौधरी पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। इस प्रकार की राजनीति करना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। पहले कांग्रेस नेताओं को आत्ममंथन करना चाहिए।
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भाजपा देहात अध्यक्ष जीतमल प्रजापत ने कांग्रेस नेताओं पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कार्रवाई की गई फैक्ट्री किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी के गांव तिलोनिया में स्थित है और इसका लाइसेंस 2021-22 में दिया गया था, जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। प्रजापत ने आगे कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कुल 7 फैक्ट्रियों को लाइसेंस दिए गए थे।
भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस इस मामले को लेकर जनता को गुमराह कर रही है और सच्चाई से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में निष्पक्ष जांच कर रही है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि किशनगढ़ में अवैध खाद फैक्ट्री के खुलासे ने राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही को सामने ला दिया है। जहां भाजपा इसे कांग्रेस शासन की देन बता रही है, वहीं कांग्रेस इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित मान रही है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है क्योंकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटे हुए हैं।