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केकड़ी: पिछले चुनाव के मुकाबले बढ़ा मतदान प्रतिशत, उम्मीदवारों की धड़कनें तेज, हार-जीत को लेकर अटकलें शुरू

Fri, 23 Oct 2026 04:05 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केकड़ी

सार

पंचायत चुनाव में केकड़ी में पिछली बार से 4.17 प्रतिशत मतदान अधिक दर्ज हुआ है। मतदान में हुई इस बढ़ोतरी ने चुनावी विश्लेषकों को चौंका दिया है। यह सत्ता के पक्ष में हैं या सत्ता से नाराजगी का संकेत। इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केकड़ी पंचायत समिति सदस्य पद के लिए गुरुवार को हुए मतदान में क्षेत्र के 73,506 में से 44,575 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान प्रतिशत 60.64 प्रतिशत रहा, जो वर्ष 2020 के चुनावों के मुकाबले 4.17 प्रतिशत अंक अधिक है। मतदान प्रतिशत में हुई इस बढ़ोतरी ने राजनीतिक दलों के साथ ही चुनावी विश्लेषकों को भी चौंका दिया है। अब इसे सत्ता के पक्ष में जनसमर्थन माना जाए या नाराजगी का संकेत, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। वर्ष 2020 में हुए पंचायत समिति चुनावों में 56.47 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया था। उस समय कोरोना संक्रमण के चलते मतदान प्रभावित होने की बात कही गई थी। वहीं वर्ष 2015 में मतदान प्रतिशत 58.56 रहा था। इस बार मतदान का आंकड़ा इन दोनों चुनावों के मुकाबले अधिक रहा है।

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भराई में सर्वाधिक 75.56 फीसदी वोटिंग
मतदान के आंकड़ों के अनुसार भराई में 75.56, मेवदाकला में 71.25, खवास में 69.81, रामपाली में 68.42, जूनिया में 67.85, मानखण्ड में 66.12, नायकी में 65.12, बघेरा में 61.61 और प्रांहेड़ा में 61.55, देवगांव में 61.17, लल्लाई में 60.05, कणोंज में 59.71, कादेड़ा में 55.44, लसाड़िया में 55.56, कोहड़ा में 55.91, अजगरा में 55.56, मोलकिया में 56.09, भीमड़ावास में 56.10, निमोद में 51.92, सरसड़ी में 50.46, कालेड़ा कृष्णगोपाल में 51.04 व सलारी में 47.84 प्रतिशत मतदान हुआ।

38 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद
केकड़ी पंचायत समिति में 22 ग्राम पंचायतों के कुल 15 वार्ड हैं और यहां 73,506 मतदाता पंजीकृत हैं। हालांकि वार्ड संख्या 3 से भाजपा प्रत्याशी प्रकाश कंवर निर्विरोध निर्वाचित होने के कारण शेष 14 वार्डों में ही मतदान कराया गया। मतदान सम्पन्न होते ही चुनाव मैदान में उतरे 38 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई है। अब 20 नवम्बर को मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा कि जनता ने किसके पक्ष में जनादेश दिया है। तब तक हार-जीत को लेकर चर्चाओं और अटकलों का दौर जारी रहेगा।
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नेताओं की प्रतिष्ठा दाव पर
मतदान संपन्न होने के साथ ही राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, राजनीतिक विश्लेषकों व आमजन के बीच चुनाव परिणाम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हर कोई अपने-अपने आकलन के आधार पर जीत-हार के समीकरण बैठाने में जुटा है। अजमेर जिले में केकड़ी पंचायत समिति का चुनाव इस बार खासा रोचक माना जा रहा है, जिसमें कई वरिष्ठ व स्थानीय नेताओं की राजनीतिक प्रतिष्ठा दाव पर लगी हुई है। पंचायत समिति चुनाव के नतीजे स्थानीय मुद्दों, प्रत्याशियों और संगठनात्मक समीकरणों से भी प्रभावित हो सकते हैं।

कांटे का मुकाबला
राजनीतिक जानकारों के अनुसार केकड़ी पंचायत समिति में मुकाबला कांटे का माना जा रहा है। दोनों दलों भाजपा व कांग्रेस के अपने-अपने समीकरण और दावे हैं, लेकिन वास्तविक तस्वीर मतगणना के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी ने चुनावी मुकाबले को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें मतगणना और अंतिम जनादेश पर टिकी हैं।
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पिछले चुनाव का समीकरण
केकड़ी पंचायत समिति के राजनीतिक अतीत पर नजर डालें तो पिछली बार को छोड़कर अधिकांश मौकों पर प्रदेश में सत्तारूढ दल का प्रधान बनता रहा है। वर्ष 2020 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद पंचायत समिति में भाजपा के होनहार सिंह राठौड़ प्रधान बनने में सफल रहे थे। ऐसे में इस बार का चुनाव परिणाम कई राजनीतिक धारणाओं और दावों की परीक्षा लेने वाला साबित हो सकता है।

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