अजमेर के केकड़ी सिटी थाना पुलिस ने छह अक्तूबर को हुई नौ लाख रुपये की लूट के मामले का पर्दाफाश करते हुए लाडपुरा कोटा निवासी महिला दिव्या वैष्णव को गिरफ्तार किया है। महिला का पति गणेश वैष्णव, जो इस वारदात का मुख्य आरोपी है, अभी भी फरार है। यह पति-पत्नी की जोड़ी महंगे शौक पूरे करने के लिए अपराध के रास्ते पर चली थी।
कैसे दिया घटना को अंजाम
पुलिस के अनुसार, अजमेर जिले के भूडोल थानाक्षेत्र निवासी जितेंद्र सांसी छह अक्तूबर को नौ लाख रुपये लेकर बाइक से श्रीनगर (अजमेर) से छान (टोंक) जा रहा था। रास्ते में लोहरवाड़ा के पास उसने चाय के लिए रुककर कुछ देर विश्राम किया। यहां उसकी मुलाकात एक युवक और युवती से हुई, जिन्होंने उसे बातचीत में उलझा लिया। दोनों ने आगे चलकर जितेंद्र को अपनी लच्छेदार बातों से प्रभावित किया और केकड़ी तक उसके साथ सफर किया।
केकड़ी में पहुंचने के बाद उन्होंने जितेंद्र को शराब पीने के लिए राजी किया और फिर बातचीत के बहाने उसे अपने जाल में फंसा लिया। उन्होंने यह भी कहा कि उनका मामा भी छान में रहता है, जिससे वे भी वहीं जा रहे हैं। बातों में आकर जितेंद्र उन्हें अपनी बाइक पर बिठाकर ले गया।
ऐसे की लूट की वारदात
जानकारी के मुताबिक, पुराने कोटा रोड पर ज्योतिबा फूले सर्किल के पास पहुंचते ही आरोपी युवक ने बाइक रोककर जितेंद्र को धक्का दिया और उसका नौ लाख रुपये से भरा बैग और मोबाइल लूट लिया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए। जितेंद्र ने तुरंत अपने परिवार को घटना की जानकारी दी और फिर केकड़ी सिटी थाना पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, कॉल डीटेल्स की जांच की। फिर बाइक नंबर RJ 28 DS 3012 की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने 80 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की। कोटा के लाडपुरा क्षेत्र में शीतला माता चौक से दिव्या वैष्णव को गिरफ्तार कर लिया।
दिव्या के पास से लूटे गए नौ लाख में से पांच लाख 24 हजार 100 रुपये बरामद कर लिए गए हैं। हालांकि, उसका पति और मुख्य आरोपी गणेश वैष्णव अभी फरार है। पुलिस के अनुसार, गणेश वैष्णव के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
महंगे शौक पूरे करने के लिए किया अपराध
दिव्या से पूछताछ जारी है, ताकि लूट की बाकी रकम बरामद की जा सके और गणेश के ठिकानों का पता लगाया जा सके। पुलिस का मानना है कि दोनों ने अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए यह अपराध किया। पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा के निर्देशन में पुलिस टीम ने यह सफलता प्राप्त की, जिसमें थानाधिकारी धोलाराम, एसआई बनवारी लाल और साइबर सेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।