राजस्थान के अजमेर जिले से जन संघर्ष यात्रा शुरू होने से पहले सचिन पायलट ने आम सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर जमकर निशाना साधा और उनको भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आड़े हाथों लिया। वहीं, इस जन संघर्ष आशीर्वाद से राजस्थान की सियासत में अशोक गहलोत और सचिन पायलट आमने-सामने हो गए हैं। वसुंधरा राजे पर धौलपुर में CM ने बयान दिया तो सचिन पायलट अब युवाओं और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पैदल यात्रा निकाल रहे हैं।
बता दें कि अजमेर से शुरू होकर जन संघर्ष पदयात्रा राजधानी जयपुर में समाप्त होगी। दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान का इस पर अभी तक सीधे तौर पर कोई बयान नहीं आया है। बुधवार को पवन खेड़ा से जब प्रेस कांफ्रेंस में सवाल किया तो उन्होनें इसे मजाक कहते हुए टाल दिया। अजमेर में सभा को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने कहा, मैं आप लोगों के बीच आया हूं, इस मिट्टी से यहां के लोगों से मेरा एक ऐसा मजबूत रिश्ता है, जिसे दुनिया की कोई ताकत कमजोर नहीं कर सकती।
सचिन पायलट ने कहा, जब दो दिन पहले मैंने जयपुर में इस यात्रा का एलान किया तो कई लोगों ने मुझे अलग-अलग राय दी। लोगों ने कहा कि मई-जून का महीना है, भीषण गर्मी है। 100-100 किलोमीटर का पैदल सफर करना है, इसे टाल दो। तब मैनें उनको जवाब दिया, राजनीति आग का दरिया है, तैर कर पार पाना है। अखबारों में कुछ छपे या न छपे, लेकिन जनता सब कुछ जानती है। आने वाला भविष्य युवाओं का है, हमें ऐसे समाज का निर्माण करना है, जो भ्रष्टाचार मुक्त राष्ट्र का निर्माण करता हो।
मैंने जयपुर में एक दिन का अनशन कर वसुंधरा राजे सरकार में हुए भ्रष्टाचार की जांच की मांग की। मुझे राजनीति में 20 से 23 साल हो गए। मैं सांसद रहा, केंद्रीय मंत्री रहा, प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री रहा, मेरे पिता केंद्रीय मंत्री रहे। मेरी मां सांसद रहीं, हमारी निष्ठा पर हमारे विरोधी भी सवाल नहीं उठा सकते। मैं अजमेर की जनता से पूछना चाहता हूं, हमारा परिवार लंबे समय से राजनीति में है, बड़े पदों पर रहे। एक फूटी कौड़ी का कोई आरोप नहीं लगा सकता और अब ऐसे नेताओं पर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिन हेमाराम ने 100 करोड़ की जमीन शिक्षा के लिए खर्च कर दी, उन पर 10 करोड़ में बिकने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
सचिन पायलट ने कहा कि हम सत्ता में रहते हुए 2013 में 21 सीटों पर आ गए थे, तब पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत से हम सत्ता में आए। मैनें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर कहा कि सरकार बने साढ़े तीन साल हो गए। अब उन आरोपों की जांच होनी चाहिए, जो आपने और हमने साल 2018 के चुनावों में लगाए थे। मैंने डेढ़ साल से चिट्ठियां लिखी कोई कार्रवाई नहीं हुई, अब चुनावों में सिर्फ सात महीने बचे हैं।
अजमेर में पायलट ने कहा, मैंने अपने सार्वजनिक जीवन में हमेशा जनता से संवाद बनाए रखा है। अजमेर का RPSC युवाओं के लिए शिक्षा का केंद्र है। इस यात्रा के जरिए हमारा उद्देश्य व्यवस्था में परिवर्तन कर एक बेहतर ढ़ाचा तैयार करने का है। सचिन पायलट की जन संघर्ष यात्रा में हजारों की संख्या में समर्थक पूरे जोश और उत्साह के साथ हाथों में तिरंगा लिए मौजूद रहे।