जम्मू-कश्मीर उच्च शिक्षा विभाग का अकादमिक कैलेंडर इस बार प्रभावित हुआ है। कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) यूजी का परिणाम देरी से जारी होने के कारण कॉलेजों में दाखिला देरी से शुरू हुआ, जिस कारण अकादमिक सत्र में डेढ़ माह से भी ज्यादा की देरी हुई है।
व्यवस्था की नाकामी की कीमत छात्रों को चुकानी पड़ सकती है। अकादमिक कैलेंडर में सिलेबस पूरा करवाना शिक्षकों और उसे तैयार करना विद्यार्थियों के लिए चुनौती होगा, जिसका असर कक्षाओं और परीक्षाओं पर पड़ेगा। 28 जुलाई को सीयूईटी यूजी का परिणाम जारी हुआ था।
इससे पहले उच्च शिक्षा विभाग ने 16 जुलाई से ही सीयूईटी और नॉन सीयूईटी के तहत पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की थी। नॉन सीयूईटी की मेरिट सूची 12 अगस्त को जारी हुई जबकि सीईयूटी की 14 अगस्त को। इसके बाद सीयूईटी में खाली बची सीटों पर दाखिला प्रक्रिया शुरू हुई जो अभी तक चल रही है। इस कारण अभी तक यूजी पहले सेमेस्टर की कक्षाएं नियमित रूप से शुरू नहीं हुई हैं।
विशेषकर उन कॉलेजों में जहां सीयूईटी के तहत दाखिले हो रहे हैं, वहां कक्षाएं अभी नहीं चल रही हैं। हालांकि उच्च शिक्षा विभाग दावा करता है कि यूजी पहले सेमेस्टर की कक्षाएं शुरू हुई हैं। सिर्फ बची हुई सीटों पर दाखिले लेने वाले विद्यार्थी की ही कक्षाएं नहीं चल रही हैं।
उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव डॉ. रवि शंकर शर्मा ने कहा कि कक्षाएं शुरू हैं, सिर्फ बची हुई सीटों पर दाखिला प्रक्रिया चल रही है। अभी तक सीयूईटी और नॉन सीयूईटी के तहत 35000 से अधिक दाखिले हो चुके हैं।
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लागू आचार संहिता के कारण दो हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्तियां ठप हो गई हैं। इससे कॉलेजों में शिक्षकों की कमी हो गई है, जो नियमित कक्षाओं को प्रभावित कर रही है।