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Ajmer News: दरगाह में पहली बार खादिमों को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू, 75 साल बाद बड़ा बदलाव

Tue, 02 Dec 2025 12:43 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

Ajmer: यह पहली बार है जब खादिमों को लाइसेंस देने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की गई है। दरगाह कमेटी के गठन के बाद से अब तक तीन एडमिनिस्ट्रेटर और 37 नाजिम अपने-अपने कार्यकाल पूरे कर चुके हैं, लेकिन इस दौरान किसी ने भी लाइसेंस प्रक्रिया को लागू नहीं किया।
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अजमेर दरगाह में खादिमों को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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अजमेर ख्वाजा गरीब नवाज की विश्वप्रसिद्ध दरगाह में जल्द ही केवल लाइसेंसधारी खादिम ही जायरीन को जियारत करा सकेंगे। केंद्र सरकार के निर्देश पर दरगाह कमेटी ने 75 वर्षों में पहली बार खादिमों के लाइसेंस की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है। सोमवार को दरगाह नाजिम मोहम्मद बिलाल खान ने इसका आधिकारिक विज्ञापन जारी किया। इसके लिए 5 जनवरी 2026 तक आवेदन जमा करवाए जा सकेंगे।

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नाजिम ने बताया कि यह प्रक्रिया केवल दरगाह ख्वाजा साहब से संबद्ध खादिम समुदाय सैयद जादगान एवं शेख जादगान के लिए लागू की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के आदेशों, केंद्र व राज्य सरकारों के निर्देशों, जिला प्रशासन की रिपोर्टों तथा दरगाह सुरक्षा अंकेक्षण की सिफारिशों के अनुपालन में लाइसेंस प्रणाली लागू की जा रही है। दरगाह ख्वाजा साहब अधिनियम 1955 की धारा 11(एफ) में खादिमों के कर्तव्यों, पहचान, मानक प्रक्रियाओं, सुविधाओं और जायरीन के हित सुनिश्चित करने के विशेष प्रावधान हैं, जिनके अनुसार इस पूरी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है।

दरगाह कमेटी ने पात्र खादिमों से आवेदन आमंत्रित कर दिए हैं। आवेदन-पत्र, नियम और शर्तें कमेटी की वेबसाइट gharibnawaz.minorityaffairs.gov.in से डाउनलोड की जा सकती हैं। इच्छुक आवेदक नाजिम कार्यालय से भी आवेदन प्राप्त कर सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे हुए प्रपत्र के साथ आवश्यक दस्तावेजों और स्वप्रमाणित प्रतियों को 5 जनवरी 2026 तक कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य होगा।
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यह पहली बार है जब खादिमों को लाइसेंस देने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की गई है। दरगाह कमेटी के गठन के बाद से अब तक तीन एडमिनिस्ट्रेटर और 37 नाजिम अपने-अपने कार्यकाल पूरे कर चुके हैं, लेकिन इस दौरान किसी ने भी लाइसेंस प्रक्रिया को लागू नहीं किया। कमेटी के पहले एडमिनिस्ट्रेटर अब्दुल रऊफ सिद्दीकी 9 जनवरी 1954 को नियुक्त हुए थे। उनके बाद अनीस मुज्तबा जुबैरी और आले मोहम्मद शाह यूपीएससी 1956 तक एडमिनिस्ट्रेटर रहे। बाद में एडमिनिस्ट्रेटर की जगह नाजिम का पद सृजित किया गया और 1 मार्च 1956 को आले मोहम्मद शाह को ही पहला नाजिम नियुक्त किया गया।

मार्च 1956 से मार्च 2025 तक 37 नाजिम दरगाह कमेटी का कार्यभार संभाल चुके हैं, जबकि 28 अध्यक्ष भी अपनी सेवा दे चुके हैं। अंतिम सदर सैयद शाहिद हुसैन रिजवी 4 जून 2023 तक पद पर रहे। कई कार्यकालों में खादिमों को लाइसेंस देने की चर्चा और प्रस्ताव बने, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अब वर्तमान नाजिम, बीएसएफ से रिटायर्ड मोहम्मद बिलाल खान के प्रयासों से यह ऐतिहासिक कदम संभव हो पाया है।
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लाइसेंस के मुद्दे पर दरगाह नाजिम ने दो बार खादिमों के साथ बैठक बुलाने की कोशिश की। 24 और 27 नवंबर को आयोजित बैठकों में एक भी खादिम उपस्थित नहीं हुआ। दूसरी ओर, खादिम मोहल्ले में अंजुमन सदर की अध्यक्षता में खादिम समुदाय ने अलग बैठक की और मुद्दे पर चर्चा की। नए बदलाव के बाद दरगाह में जियारत व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और सुरक्षित होने की उम्मीद जताई जा रही है। यह कदम जायरीन की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने की दिशा में दरगाह प्रशासन का बड़ा प्रयास माना जा रहा है।


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