राज्य सरकार द्वारा सन 2020 में अपनी बजट घोषणा में भिनाय उपखंड को राजकीय महाविद्यालय की सौगात दी गई थी। उस समय किसी ने भी नहीं सोचा था कि राजकीय महाविद्यालय के भवन के लिए लोगों को 4 साल बाद भी संघर्ष करना पड़ेगा।
तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी बजट घोषणा में भिनाय उपखंड मुख्यालय के लिए राजकीय महाविद्यालय की घोषणा की, तो क्षेत्र की जनता ने खुशियां मनाई। उन्होंने तत्कालीन विधायक राकेश पारीक का भी आभार व्यक्त किया, लेकिन इसके बाद क्षेत्र की जनता की यह खुशी उस समय काफूर हो गई, जब भिनाय मुख्यालय पर स्वीकृत इस कॉलेज को भिनाय से 8 किलोमीटर दूर भूमि आवंटित की गई।
भिनाय ग्राम की राजस्व सीमा में भूमि उपलब्ध होने के बावजूद निकटवर्ती ग्राम छछुंदरा में राजकीय महाविद्यालय स्थापित करने के आदेश दे दिए गए। क्षेत्रवासियों के अनुसार इसके पीछे नेताओं की आपसी खींचतान रही और यह कॉलेज राजनैतिक कुचक्र का शिकार हो गया, इससे आक्रोशित होकर भिनाय क्षेत्र की जनता ने आंदोलन शुरू किया।
इस आंदोलन में न केवल 4 दिन तक भिनाय कस्बा बंद रखा गया, बल्कि लगातार 29 दिनों तक धरना प्रदर्शन भी किया गया। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं होने से क्षुब्ध होकर भिनाय के लोगों ने कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति व भिनाय विकास मंच के माध्यम से राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर खंड पीठ में याचिका दायर की।
जिसकी लगातार सुनवाई करते हुए, उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने भिनाय विकास मंच के वकील के तर्कों और तथ्यों से सहमत होते हुए अगस्त 2022 को छछुंदरा के आदेश को निरस्त कर भिनाय राजस्व ग्राम में ही राजकीय महाविद्यालय हेतु 2 माह में भूमि स्थापित करने के आदेश पारित किए।
भिनाय के लोग एक बार फिर खुश हो गए कि न्यायालय के दखल के बाद अब राजकीय महाविद्यालय अस्तित्व में आएगा, लेकिन तभी विधानसभा चुनाव आ गए और कॉलेज के लिए भूमि व भवन की प्रक्रिया में कोई प्रगति नहीं हो पाई। विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनने के साथ ही क्षेत्र के लोगों की उम्मीदों को पंख लगे, लेकिन नई सरकार को भी करीब एक वर्ष होने को है, पर कॉलेज भवन को लेकर कोई ठोस कार्य होता हुआ नजर नहीं आया। जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
इन्होंने क्या कहा
इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक वीरेंद्र सिंह कानावत ने कहा कि कॉलेज के लिए भूमि आवंटित हो चुकी है। एक दो दिन मे विभाग के मंत्री से मिलकर भवन निर्माण में आ रही परेशानियों को दूर कर कॉलेज भवन का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करवाया जाएगा। अभी कॉलेज के लिए पांच कमरों की वैकल्पिक व्यवस्था करवाई गई है। कॉलेज शीघ्र इन पांच कमरों में शिफ्ट हो जाएगा।