आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व राज्यमंत्री धर्मेंद्र राठौड़ ने अजमेर शहर में जलभराव इलाके और फॉयसागर का दौरा किया और हालातों का जायजा लिया। राठौड़ ने फॉयसागर पाल पर ग्रामीणों और एनडीआरफ व एसडीआरएफ के जवानों से बातचीत की और सरकार व प्रशासन को वस्तु स्थिति से अवगत कराकर राहत के कदम उठाने का आश्वासन दिया।
पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने बताया कि फॉयसागर से पानी के रिसाव से आसपास के इलाकों में खतरा होने की जानकारी मिलने पर यहां पर पहुंचकर जायजा लिया है, ताकि समय रहते हालात पर काबू पाया जा सके और राहत के कदम उठ सकें। पानी रिसाव को रोकने के लिए प्रशासन ने जो इंतजाम किए हैं, वो नाकाफी हैं और मैं इन इंतजामों से कतई संतुष्ट नहीं हूं। इस संबध में मैंने जिला कलेक्टर लोक बंधु से भी बातचीत की है और उनसे चर्चा कर मौके के हालातों की जानकारी दी है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी, जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी सहित अजमेर के जनप्रतिनिधियों को पानी रिसाव को गंभीर लेना चाहिए, ताकि अजमेर के लोगों को कोई बड़े खतरे का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने शहर में जगह-जगह जलभराव से बाढ़ के हालात पैदा होने की आशंका जाहिर कर स्मार्ट सिटी के कार्य को सवालों के घेरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि शहर में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात पैदा होने के लिए स्मार्ट सिटी के कार्यों की जांच होनी चाहिए। अजमेर स्मार्ट सिटी के नाम पर अब तक करोड़ों रुपये बर्बाद कर दिए गए, लेकिन शहर में विकास दिखाई नहीं दे रहा है।
राठौड़ ने कहा कि अतिवृष्टि से बिगड़े हालात से बनी प्राकृतिक विपदा में अजमेरवासियों के साथ कांग्रेस पार्टी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। हम राज्य सरकार व जिला प्रशासन के साथ अजमेरवासियों को राहत पहुंचाने के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग करने को तत्पर हैं।
पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने आज अजमेर क्लब में कार्यकर्ताओ से मुलाकात की और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जलभराव वाले इलाकों में जाएं और प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी मदद को आगे आएं, ताकि उन्हें को राहत मिल सके।
कलेक्टर ने भी किया जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा
जिला कलेक्टर लोक बंधु ने भी शहर के आनासागर एस्केप चैनल, सूचना केन्द्र, ब्रह्मपुरी नाला, श्रीनगर रोड, खानपुरा तालाब, सागर विहार, रीजनल कॉलेज, मित्तल चौराहा, फॉयसागर सहित विभिन्न जलभराव वाले क्षेत्रों का अवलोकन कर स्थानीय नागरिकों से चर्चा की। साथ ही जलभराव की समस्या से प्रभावित होने वाले परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
उन्होंने कहा कि जल में डूबी सड़कों के मैनहोल की लगातार जांच की जाए और क्षतिग्रस्त पाए जाने पर तुरन्त ही उसकी मरम्मत सुनिश्चित हो। साथ ही उस पर संकेतक लगाकर दुर्घटना की आशंका को रोका जाए। उन्होंने कहा कि फॉयसागर झील की चादर की लगातार निगरानी रखी जाए। यहां मौके पर तैनात सिविल डिफेंस, पुलिस, होमगार्ड तथा अन्य कार्मिकों के साथ फॉयसागर पाल की सुरक्षा के बारे में विस्तार से विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्देश प्रदान किए।
पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने किया जलभराव इलाके का दौरा