राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य आसुराम डूकिया ने कहा कि ऐसी घटनाएं विश्वविद्यालय प्रशासन के लापरवाही रवैया को दर्शाती है, विश्वविद्यालय प्रशासन ने मार्च में और इससे पहले भी इस प्रकार की लापरवाही दिखाई है। मेस का संचालन कर रही कंपनी का टेंडर निरस्त कर मामले की जांच की जाए।
अजमेर के बांदरसिंदरी स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय की मेगा मेस में सुबह के नाश्ते में एक कीड़ा निकला। इसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने इकाई अध्यक्ष सत्यम राय की अगुवाई में हंगामा कर विरोध प्रदर्शन किया और कुलसचिव कर्नल वी वेंकट को ज्ञापन देकर इस विषय के बारे में अवगत कराया।
यह है पूरा मामला
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गौरतलब है कि गुरुवार सवेरे विद्यार्थियों को जब नाश्ता दिया जा रहा था, तो ब्रेड में मरा हुआ कीड़ा निकला। जिससे विद्यार्थियों में हड़कंप मच गया। नाश्ते में कीड़ा निकलने से विद्यार्थी सहम गए और शोर मचाया। इसके पश्चात विश्वविद्यालय प्रशासन ने आकर मामला शांत करवाया। सेंट्रल यूनिवर्सिटी की मेगा मेस में पहले भी मरी हुई छिपकली और कीड़े निकल चुके हैं। जिसके बाद कंपनी ने लिखित में माफी मांगी थी। अब फिर से हुई घटना के कारण विद्यार्थियों में रोष है। साथ ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों की प्रशासन को दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करवाने की स्पष्ट चेतावनी है।
आंदोलन की चेतावनी
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य आसुराम डूकिया ने कहा कि ऐसी घटनाएं विश्वविद्यालय प्रशासन के लापरवाही रवैया को दर्शाती है, विश्वविद्यालय प्रशासन ने मार्च में और इससे पहले भी इस प्रकार की लापरवाही दिखाई है। मेस का संचालन कर रही कंपनी का टेंडर निरस्त कर मामले की जांच की जाए अन्यथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
अन्य कंपनी को टेंडर दिया जाए
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प्रांत कार्यकारिणी सदस्य दिनेश चौधरी और केंद्रीय विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष सत्यम राय ने कहा कि दोषी कंपनी को जल्द हटाकर अन्य गुणवत्तापूर्ण कंपनी को टेंडर दिया जाए। कई बार विद्यार्थियों को फूड प्वाइजनिंग की शिकायत भी होती है उसमें भी इसी कंपनी का दोष है। खाने में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा और ना ही साफ सफाई का ध्यान रखा जा रहा है। इसलिए कीड़े और छिपकलियां आए दिन भोजन में निकलती हैं। कंपनी पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करेगा। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।