बीते तीन दिनों से तीर्थ नगरी पुष्कर में नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों की झाडू़ डाउन हड़ताल गुरुवार को भी जारी रही। वहीं, हड़ताल के कारण तीर्थ नगरी की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो रखी है। तीर्थ के घाट और सरोवर समेत जगह-जगह गंदगी के ढेर जमा हो गए हैं, जिससे तीर्थ यात्रा पर आए श्रद्धालुओं की धार्मिक भावना आहत हो रही है। आज सुबह हुई बारिश के बाद जो कचरा एक जगह जमा था वह सड़कों पर फेल गया और पुष्कर की सड़कें कचरा डिपो में तब्दील हो गई। वहीं पालिकाकर्मी, जनप्रतिनिधि पुरोहितों द्वारा सरोवर के घाटों और कस्बे में साफ-सफाई जारी है।
पालिकाकर्मीयों ने की सफाई
वाल्मीकी संघर्ष समिति के बैनर तले पुष्कर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल तीन दिनों से चल रही है। आज हड़ताल का चौथा दिन है। इसके चलते पालिका प्रशासन ने सरोवर के घाटों पर सफाई के लिए श्रमदान शुरू किया है। पालिका के कनिष्ठ अभियंता रामनिवास मीणा ने बताया कि पालिका स्टाफ और जन सहयोग से घाटों पर श्रमदान कर सफाई की जा रही है। सरोवर से मृत मछलियों को बाहर निकाला जा रहा है। इसके अलावा ठेकेदार ने 10 श्रमिकों की वैकल्पिक व्यवस्था की है।
पालिका उपाध्यक्ष ने अपने वार्ड में की सफाई
पालिका उपाध्यक्ष शिव स्वरूप महर्षि ने अपने वार्ड में की सफाई कर मिसाल पेश की। उन्होंने बताया कि वे वार्ड सेवक होने का दायित्व निभा रहे हैं, ताकि कम से कम उनके वार्ड की गंदगी तो बहकर मुख्य बाजार में न जाए। महर्षि ने बताया कि वार्ड के प्रमुख वराह मंदिर पर जाने वाले श्रद्धालुओं को गंदगी से होकर न गुजरना पड़े। इसके अलावा इसी मार्ग पर प्राचीन रघुनाथ मन्दिर, बद्री नरायण मन्दिर, जगदिश मन्दिर, केदार नाथ महादेव मंदिर आते हैं इसलिए उन्होंने सफाई का जिम्मा उठाया।
भाजयुमो कार्यकर्ताओ ने घाटों पर बहाया पसीना
पुष्कर सरोवर में लगातार मछलियां मरने और सफाईकर्मियों की हड़ताल से सरोवर में बदबू मारने लगी है। हालात को देखते हुए भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने अध्यक्ष भुवनेश पाठक के नेतृत्व में घाटों पर श्रमदान किया। इस दौरान यश पाराशर, लक्ष्मीकांत गौड़, दामू पाराशर, प्रकाश नाथ, रमेश नारायण, आदित्य सहित कार्यकर्ताओं ने मृत मछलियों को बाहर निकालकर सरोवर के घाटों पर श्रमदान कर सफाई की।