सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में मंगलवार को संदल की रस्म अदा की गई। मगरिब की नमाज के बाद आस्ताना शरीफ में दरगाह के खादिमों द्वारा गरीब नवाज की पाक मजार से संदल उतारना शुरू किया गया। संदल उतारे जाने के बाद इसे जायरीनों में तकसीम किया गया, जिसे लेने के लिए दरगाह में जायरीनों की भीड़ उमड़ पड़ी।
ख्वाजा गरीब नवाज के सालाना 813वें उर्स के शुरू होने से पहले ख्वाजा साहब के मजार पर साल भर तक चढ़ाया जाने वाला संदल उतारा जाता है, मजार से संदल उतारे जाने के बाद संदल खादिमों द्वारा जायरीनों में तकसीम किया जाता है। फिर साल भर आने वाले जायरीन को बतौर तबर्रुक दिया जाता है, जो जायरीन मौके पर मौजूद रहते हैं, उन्हें संदल मौके पर ही तकसीम किया जाता है। ऐसी मान्यता है की संदल को पानी में मिलाकर पीने से कई सारी लाइलाज बीमारियों का इलाज हो जाता है।
गौरतलब है कि ख्वाजा साहब की मजार पर प्रतिदिन संदल पेश किया जाता है। प्रतिदिन दोपहर में खिदमत के समय संदल ख्वाजा साहब के मजारे अकदस पर चढ़ाया जाता है। साल भर चढ़ने के बाद चांद रात की 28 तारीख को उर्स से पहले इसे उतारा जाता है, जिसे आज मंगलवार की रात मजार से उतारा गया और जायरीनों में तकसीम किया गया।