राज्य सरकार के निर्देशों के बावजूद संभाग के सबसे बड़े जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में हीट वेव से बचाव के लिए किए जा रहे उपाय खोखले साबित हो रहे हैं। एक तरफ जहां अस्पताल अधीक्षक इस भीषण गर्मी में अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए अस्पताल में जगह-जगह वाटर कूलर लगाने के दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल में लगे वाटर कूलर या तो काम ही नहीं कर रहे हैं, या गर्म पानी दे रहे हैं।
मरीज के साथ आए परिजनों का कहना है कि आपातकालीन विभाग के बाहर लगे बगीचे में बिल्कुल गर्म पानी आ रहा है, जो पीने लायक ही नहीं है। परिजनों को पीने का पानी बाहर से खरीदकर लाना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि कल ही अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने मीडिया को बताया था कि राज्य सरकार के निर्देशों पर अस्पताल में हीट वेव से बचाव के लिए सारे उपाय किए जा रहे हैं और हीट वेव के मरीजों के उपचार के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है, जिसमें एयर कंडीशनर्स की व्यवस्था की गई है ताकि यहां आने वाले मरीज को राहत मिल सके। उन्होंने कहा था कि अस्पताल में जगह-जगह वाटर कूलर लगाए गए हैं। आपातकालीन विभाग के बाहर बगीचे में भी एक वाटर कूलर लगाया गया है, साथ ही यहां टेंट की व्यवस्था की गई है ताकि मरीज के परिजन भीषण गर्मी में तेज धूप से बच सकें और ठंडा पानी पी सकें लेकिन आज जब सचाई जानने के लिए वाटर कूलर चेक किया गया तो मशीन चालू थी लेकिन ठंडा पानी नहीं आ रहा था।